फ़ाइनली आमिर खान के बेटे जुनैद खान की पहली फ़िल्म महाराज की रिलीज का रास्ता साफ़ हो गया है । क्योंकि, 21 जून को गुजरात हाईकोर्ट ने फिल्म महाराज पर लगी रोक हटा दी है । यह पीरियड ड्रामा 14 जून को नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी । लेकिन रिलीज से ठीक एक दिन पहले फ़िल्म के कंटेंट पर जताई गई आपत्ति के कारण गुजरात हाईकोर्ट ने रिलीज पर रोक लगा दी थी । लेकिन अब प्रोडक्शन हाउस यशराज फिल्म्स और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स राहत की सांस ले सकते हैं क्योंकि अब जुनैद खान और जयदीप अहलावत की फ़िल्म बिना किसी रुकावट के नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो सकती है ।

BREAKING: जुनैद खान की पहली फ़िल्म महाराज की रिलीज का रास्ता साफ़ ; गुजरात हाईकोर्ट ने फ़िल्म पर लगे स्टे को हटाया और कहा- “फिल्म किसी भी धर्म को ठेस नहीं पहुंचाती”

जुनैद खान की महाराज की रिलीज का रास्ता साफ़

इस मामले की सुनवाई 19 जून को शुरू हुई और रोजाना सुनवाई हुई । दोनों पक्षों ने मामले पर बहस करते हुए विस्तृत तरीके से अपनी बात रखी । याचिकाकर्ताओं का मानना था कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और इससे कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है । यशराज फिल्म्स और नेटफ्लिक्स का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने तर्क दिया कि यह फिल्म सौरभ शाह की किताब 'महाराज' पर आधारित है और यह किताब 2013 से उपलब्ध है और इससे कोई समस्या नहीं हुई है । उन्होंने आश्वासन दिया कि फिल्म किसी भी धर्म को गलत रोशनी में नहीं दिखाती है ।

याचिकाकर्ताओं का एक प्रमुख बिंदु यह था कि महाराज 1862 के मानहानि मामले पर आधारित थी। इस मामले में तत्कालीन बॉम्बे सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया फैसला मानहानिकारक था। प्रतिवादियों ने खुलासा किया कि फिल्म में कभी भी फैसले को दिखाया या पढ़ा नहीं गया, हालांकि इसमें उस समय हुए मुकदमे को दर्शाया गया है।

बुधवार को न्यायमूर्ति संगीता के. विसेन से फिल्म देखने का अनुरोध किया गया और उन्होंने इस याचिका पर सहमति जताई । सुश्री विसेन ने 21 जून को फैसला सुनाते हुए कहा कि अदालत को इसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म याचिकाकर्ताओं या पुष्टिमार्ग संप्रदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाती है । उन्होंने आगे टिप्पणी की कि जब से 'महाराज' पुस्तक प्रकाशित हुई है, तब से कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने भी ऐसी कोई घटना रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की है।

नतीजतन, न्यायमूर्ति संगीता के. विसेन ने स्थगन आदेश को हटाने का फैसला किया और नेटफ्लिक्स को फिल्म को स्ट्रीम करने की अनुमति दी।

1862 की पृष्ठभूमि पर आधारित, महाराज एक प्रमुख धार्मिक व्यक्ति और पत्रकार और समाज सुधारक करसनदास मुलजी के बीच बॉम्बे के सुप्रीम कोर्ट में लड़े गए महाराज मानहानि मामले पर आधारित है। निर्माताओं द्वारा जारी प्रेस बयान के अनुसार, यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाइयों में से एक थी। जुनैद खान के अलावा, महाराज में जयदीप अहलावत और शालिनी पांडे भी हैं, साथ ही शारवरी भी कैमियो में हैं। इसे हिचकी (2018) फेम सिद्धार्थ पी मल्होत्रा ने निर्देशित किया है।