आयुष्मान खुराना आज भारत के सबसे लोकप्रिय सितारों में से एक हैं । जीवन के हर क्षेत्र में लोग अपनी दिनचर्या में नायक के किरदार से तुलना कर सकते हैं और उनकी सफल हिट फिल्म आर्टिकल 15 की तरह जीवन की चुनौतियों से निपटने में एक सर्वोत्कृष्ट भारतीय व्यक्ति की भूमिका निभा सकते हैं । ऐसे में यूनिसेफ द्वारा आयुष्मान को भारत सरकार के महिला और बाल विकास मंत्रालय की महत्वपूर्ण पहल पोस्को एक्ट के लिए शामिल करने पर किसी तरह का कोई संदेह नहीं होना चाहिए ।

आयुष्मान खुराना सरकार और यूनिसेफ़ के साथ मिलकर बाल यौन अपराधों के खिलाफ़ आवाज उठाएंगे

आयुष्मान खुराना ने यूनिसेफ़ से हाथ मिलाया

मंत्रालय का उद्देश्य बाल यौन अपराध निरोधक अधिनियम (पॉक्सो) के तहत बाल यौन अपराधों के अधिनियमके विरूद्ध संरक्षण और कानूनी सहायता के प्रति जागरुक करना है । हाल ही में शूट किए गए अपने एक वीडियो के जरिए आयुष्मान ने लोगों से अपने आस-पास हो रहे ऐसे क्रूर अपराधों के प्रति अधिक सतर्क रहने के साथ ही उचित प्राधिकर तक इसकी शिकायत कर इस तरह के घृणित अपराध के विरूद्ध आवाज उठाने की गुजारिश की है ।

उन्होंने खास तौर पर कहा कि, एक सामाजिक रूप से जागरूक नागरिक के रूप में, मैं हमारे देश के लिए महत्वपूर्ण और तत्काल ध्यान देने की जरूरत वाले मामलों पर हमेशा ही चर्चा करना और जानकारी फैलाना चाहूंगा । बाल यौन अपराध निरोधक अधिनियम (पॉक्सो), बाल यौन शोषण के खिलाफ लोगों को सुरक्षा और कानूनी सहायता के प्रति जागरूक करने के लिए मंत्रालय द्वारा उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। वे कहते हैं, बच्चों के खिलाफ अपराध सबसे जघन्य हैं और मैं सरकार और यूनिसेफ की हमारे देश की भावी पीढ़ियों की रक्षा के लिए उठाए गए इस कदम की सराहना करता हूं ।

पॉक्सो, हिंसक व्यवहार से बच्चों की रक्षा और उनका बचाव करेगा । इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया, टीवी और सिनेमा हॉल के जरिए सभी भारतीयों तक पहुंचना है और आयुष्मान सभी चरणों में इसे सपोर्ट करेंगे ।

गौरतलब है कि आयुष्मान बेहतर कंटेंट वाली फिल्मों में बदलाव ला रहे हैं  और आज वे बॉलीवुड में सर्वश्रेष्ठ स्क्रिप्ट का पर्याय बन गए हैं । बाल यौन शोषण के खिलाफ जागरूकता पैदा करने का यह प्रयास उनके दिल के बेहद करीब है और वे इस तरह के अपराधों को मिटाने के लिए सरकारी प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं ।