भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की जड़ों को टटोलने पर आधारित एक्शन-एडवेंचर ड्रामा राम सेतु दीवाली के दिन यानि 25 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है । ऐसे में मेकर्स के लिए खुशखबरी आई है । पायरेसी से बचने के लिए राम सेतु को दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा सपोर्ट किया है । फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए निर्माता केप ऑफ गुड फिल्म्स एलएलपी की तरफ से याचिका दायर की गई थी । और उस याचिका पर हाई कोर्ट ने फ़िल्म के मेकर्स के पक्ष में फ़ैसला सुनाया है ।

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अक्षय कुमार की राम सेतु

राम सेतु के मेकर्स ने दावा किया था कि वे फिल्म के ओनर हैं और कॉपीराइट अधिनियम 1957 के प्रावधानों के तहत उनके पास ही फिल्म के राइट्स हैं । हाई कोर्ट ने उस अपील की सुनवाई करते हुए करीब 23 वेबसाइट्स को फिल्म के वितरण, होस्टिंग, स्ट्रीमिंग, रीट्रांसमिटिंग, प्रदर्शन और डाउनलोड करने पर रोक दिया है । कोर्ट का कहना है कि याचिकाकर्ता ने फिल्म बनाने और प्रमोशन करने में करोड़ों रुपए लगाएं है, अगर ये किसी वेबसाइट या मोबाइल पर रिलीज होती है तो इसे अधिनियम के प्रावधानों के तहत गलत माना जाएगा ।

फिल्म को पायरेसी से बचाने के लिए निर्माता केप ऑफ गुड फिल्म्स एलएलपी की तरफ से याचिका दायर की गई थी । इसमें दावा किया गया था कि फिल्म को बनाने और प्रमोशन करने में करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, ऐसे में अगर ये किसी वेबसाइट पर लीक होती है तो करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ता है ।

याचिका में ये भी कहा गया था कि फिल्म को पहले सिनेमाघरों में रिलीज होने दिया जाए, फिर इसे विभिन्न प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाएगा, जैसा कि फिल्म इंडस्ट्री की परंपरा है । हालांकि, वेबसाइट्स नियमों का उल्लंघन कर गलत तरीके से फिल्म की कॉपियां बनाती है और फिल्म रिलीज के साथ इसे लोगों को डाउनलोड करने के लिए मुहैया करवाती है । इस बात को ध्यान में रखते हुए जज ज्योति सिंह की सिंगल बेंच ने मंगलवार को एक अंतरिम आदेश पारित किया ।

राम सेतु में अक्षय के अलावा नुसरत भरूचा और जैकलीन फ़र्नांडीज भी अहम भूमिका में नजर आएंग़ी । अभिषेक शर्मा द्वारा लिखित और निर्देशित, यह फिल्म अक्षय की कंपनी केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ-साथ अमेजन प्राइम वीडियो, अबुदंतिया एंटरटेनमेंट और लाइका प्रोडक्शंस में बनी है । यह फ़िल्म इस साल 25 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ।