बॉलीवुड में नेपोटिज्म मुद्दा कुछ नया नहीं है । अभिषेक बच्चन भी कई मर्तबा इसके शिकार हुए हैं । नेपोटिज्म के मुद्दे की वजह अभिषेक को कई बार ट्रोल होना पड़ा है । साल 2000 में फ़िल्म रिफ़्यूजी से अपना बॉलीवुड डेब्यू करने वाले अभिषेक बच्चन का अक्सर अपने पिता के साथ कंपेरिजन होता रहा है । अभिषेक के हर काम में उनकी तुलना बॉलीवुड के महानायक से किए जाने का कहीं न कहीं उन्हें नुकसान भी हुआ है । लेकिन अब अभिषेक ने खुलकर नेपोटिज्म पर अपनी राय रखी है । हाल ही में अभिषेक ने बताया कि उनके पिता ने कभी आगे बढ़ने में उनकी मदद नहीं की बल्कि वो खुद अपने दम पर आगे बढ़े हैं ।

अभिषेक बच्चन ने बनाई अपने पापा के लिए फ़िल्म
अभिषेक का मानना है कि अगर आपको दर्शक स्वीकारेंगे तभी आपका करियर लंबा जा सकता है । नेपोटिज्म पर अभिषेक का कहना है कि उनके पिता ने कभी भी काम को लेकर उनकी पैरवी नहीं की है । उनके पिता (अमिताभ बच्चन) ने कभी किसी को फोन नहीं किया । उन्होंने कभी उनके लिए फिल्म नहीं बनाई । अभिषेक ने आगे कहा कि उल्टा उन्होंने अपने पिता के लिए फ़िल्म प्रोड्यूस की थी जिसका नाम पा था ।
अभिषेक को कई फिल्मों से रिप्लेस किया गया
अभिषेक ने आगे कहा कि, उन्हें पता है कि फिल्मों से रिप्लेस किया गया, कुछ को बनाया नहीं जा सका । कई फिल्में शुरू हुईं लेकिन बजट की वजह से बन नहीं पाई । सच बात तो ये थी कि कोई उन पर रिस्क नहीं लेना चाहता है । अभिषेक आगे बताते हैं, लोगों को समझना चाहिए कि ये बिजनस है । पहली फिल्म के बाद अगर लोगों को आपमें कुछ नहीं दिखता है या फिल्म नहीं चलती है तो आपको अगला काम नहीं मिलेगा । यह जीवन का कड़वा सच है ।
वर्क फ़्रंट की बात करें तो अभिषेक जल्द ही अनुराग बसु की फ़िल्म लूडो में नजर आएंगे । इसके अलावा उनकी आगामी फ़िल्में हैं- द बिग बुल, बॉब विस्वास ।
















