
बीते हफ़्ते बॉक्सऑफ़िस पर रिलीज हुई साल की सबसे बहुप्रतिक्षित फ़िल्म दंगल जिसमें आमिर खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी । फ़िल्म में सभी कलाकारों की बेहतरीन परफ़ोरमेंस को मिल रही सरहाना के अलावा यह फ़िल्म कारोबार के लिहाज से भी नितरोज नए-नए रिकॉर्ड्स बना रही है । हालांकि यह फ़िल्म हर लिहाज से एक बेहतरीन फ़िल्म है लेकिन फ़िर भी कुछ विवाद इसका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं जिसकी वजह से फ़िल्म रिलीज होने केबाद भी मुश्किल में फ़ंस गई है ।
कल, गीता फ़ोगट के असली कोच पीआर सोंधी ने फ़िल्म में उनकी छवि खराब करने और उनकी बेइज्जती करने के लिए फ़िल्ममेकर्स के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही करने का फ़ैसला किया । आज, हमने सुना है कि एक वकील, आदिल खत्री ने कथित तौर पर भारत के राष्ट्रगान का अपमान करने के लिए दंगल के निर्माताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का मन बनाया है । एडवोकेट आदिल खत्री 'जय हो फाउंडेशन' नामक एक गैर सरकारी संगठन की मदद से कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं ।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, फ़िल्म में एक खास सीन है जहां कुश्ती मैच में गीता की प्रतिष्ठित जीत के बाद राष्ट्रगान धीरे-धीरे बजता है । और ये बात 'जय हो फ़ाउंडेशन' को नागवार गुजरी । क्योंकि उन्हें लगता है कि फ़िल्म में राष्ट्रगान बजाए जाने के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के सख्त दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया । और इसलिए एडवोकेट आदिल खत्री (ट्रस्टी और जय हो फाउंडेशन के लीगल हेड), ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) को एक पत्र भेजा है जिसमें उन्होंने कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है ।
जब उनसे दंगल के निर्मातों के खिलाफ़ कानूनी कार्यवाही करने का कारण पूछा तो एडवोकेट आदिल खत्री ने कहा कि, राष्ट्रगान शुरू में बहुत कम था और फ़िर इसमें धीरे-धीरे वृद्धि हुई जो कि सर्वोच्च न्यायालय के सख्त दिशा-निर्देश के खिलाफ़ है । उन्होंने आगे कहा कि, राष्ट्रीय गान बजने के
दौरान लोगों से खड़ा होने की अपील करने के लिए फ़िल्म में एक डिसक्लेमर भी होना चाहिए था । उन्होंने स्पष्ट किया कि यदी सीबीएफ़सी इसके खिलाफ़ कोई सख्त कदम उठाने में नाकामयाब होती है तो वह अदलत में याचिका दायर करेंगे ।
















