भारतीय फिल्म इंडस्ट्री इस समय बढ़ती प्रोडक्शन कॉस्ट और मंदी की मार झेल रही है। कई बड़े बजट की फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर अपने बजट की वैल्यू भी वसूल नहीं कर पाटी हैं और धराशायी हो जाती है। ऐसे में सवाल उठता है, क्या फिल्मों का आउटपुट वाकई उनके भारी-भरकम बजट को सही ठहराता है ? मिराई की सफलता के बाद तो यह बहस और तेज़ हो गई है । क्योंकि तेजा सज्जा की मिराई ने हॉलीवुड लेवल के विजुअल इफेक्ट्स को केवल 60 करोड़ रुपये (और 20 करोड़ मार्केटिंग) में हासिल कर दिखाया ।

मिराई की सफलता ने फ़िल्मों के हाई बजट को दिया चैलेंज
फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा मिराई की भव्यता और विज़न से बेहद प्रभावित हैं। उन्होंने कहा – “क्या आप जानते हैं पुष्पा 2 का बजट कितना है ? करीब 580 करोड़ रुपये ! और मिराई का बजट सिर्फ़ 60 करोड़ रुपये + 20 करोड़ प्रमोशन । अगर आप कहते हैं कि मिराई के स्पेशल इफेक्ट्स पुष्पा 2 और काल्कि 2898 एडी से बेहतर हैं, तो इसका मतलब है कि इन बड़ी फिल्मों के बजट में कुछ गंभीर गड़बड़ है ।”
राम गोपाल वर्मा ने खुलासा किया कि बड़ी फिल्मों के बजट में सबसे बड़ी समस्या फिल्ममेकर्स की VFX तकनीक को न समझ पाने की वजह से होती है। अक्सर मेकर्स महंगे ग्राफिक्स स्टूडियोज़ को काम सौंप देते हैं और मान लेते हैं कि ज्यादा पैसा देने से क्वालिटी बेहतर होगी, जबकि यह ज़रूरी नहीं।
उन्होंने कहा, “मिराई के निर्देशक कार्तिक गट्टमनेनी VFX भाषा को अच्छी तरह समझते हैं। उन्हें पता था कि क्या और कैसे करना है। अगर बाकी निर्देशक भी तकनीक को समझें तो पुष्पा और काल्कि जैसी फिल्में भी मिराई के बजट में बनाई जा सकती हैं।”
ट्रेड एक्सपर्ट तरण आदर्श ने कहा, “मिराई की तुलना एम्पुरान या काल्कि 2898 एडी जैसी मेगा-बजट फिल्मों से करना सही नहीं होगा। लेकिन इसके बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन की वजह कुछ खास फैक्टर रहे। फिल्म का कंटेंट ऑडियंस से जुड़ गया, खासतौर पर इंटरवल ब्लॉक, सेकंड हाफ के ड्रामेटिक मोमेंट्स और फिनाले ने गहरा असर डाला । शुरुआत में इसे ज्यादा स्क्रीन नहीं मिलीं क्योंकि कई फिल्में साथ रिलीज़ हुईं, लेकिन पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ ने हर दिन कलेक्शन बढ़ाया। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह फैली तारीफों ने इसे हिट बना दिया ।”
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, करण जौहर की ब्रह्मास्त्र 2 का बजट भी मिराई के विजुअल इंपैक्ट के बाद घटाया जा रहा है। जहाँ ब्रह्मास्त्र पार्ट 1 का बजट करीब 300 करोड़ रुपये था, वहीं पार्ट 2 को अब 200-250 करोड़ रुपये में बनाने की योजना है। खास बात यह है कि हिंदी बेल्ट में मिराई का डिस्ट्रीब्यूशन खुद धर्मा प्रोडक्शंस ने किया था।
कुल मिलाकर, मिराई ने साबित कर दिया है कि बड़ी सोच और सही तकनीकी समझ से छोटे बजट में भी बड़ा चमत्कार किया जा सकता है।
















