अली अब्बास जफ़र की पॉलिटिकल ड्रामा वेब सीरिज पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है । तांडव पर हिंदु धार्मिक मान्यताओं को आहत करने के आरोप लगे हैं इसलिए इसके खिलाफ़ देश के कई शहरों में तांडव के मेकर्स, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज हो चुकी है । मुंबई के घाटकोपर पुलिस स्टेशन में तांडव वेब सीरीज को लेकर FIR दर्ज हुई है ।  IPC की धारा 153 (A) 295 (A) 505 IPC के तहत निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ ये मामला दर्ज हुआ है । सीरीज पर पुलिस का अपमान किए जाने और लोगों की भावनाएं आहत किए जाने का आरोप लगा है ।

तांडव विवाद पर पूछताछ के लिए अली अब्बास जफ़र को ढूंढ रही है यूपी पुलिस, घर के बाहर चिपकाया नोटिस

तांडव विवाद पर अली अब्बास जफ़र के खिलाफ़ मामला दर्ज

तांडव सीरीज के जरिये लोगों की भावनाएं आहत करने के लिए निर्देशक अल्ली अब्बास समेत पांच लोगों पर लखनऊ में मामला दर्ज किया गया था । लखनऊ पुलिस ने रविवार को मामले की जांच में सहयोग करने के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त (सीपी) के कार्यालय से संपर्क किया है । निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम मंगलवार रात मुंबई पहुंची । लखनऊ से मुंबई पहुंची पुलिस टीम ने मुंबई पुलिस से जांच में सहयोग मांगा है । यूपी पुलिस डायरेक्टर अली अब्बास ज़फ़र, अमेजन की हेड अपर्णा पुरोहित, प्रोड्यूसर हिमांशु किशन मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी से पूछताछ करने वाले हैं । इन सभी को इस मामले में आरोपी बनाया गया है ।

गुरुवार को जब यूपी पुलिस की टीम तांडव वेब सीरीज के डायरेक्टर अली अब्बास जफर से पूछताछ करने के लिए उनके घर पहुचीं तो वह अपने घर पर नहीं मिले । इस बारें में यूपी पुलिस अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने अली अब्बास को  27 जनवरी को लखनऊ में आईओ (जांच अधिकारी) के सामने पेश होने के लिए कहा है । उनके घर पर ताला लगा था और कोई नहीं था, उन्होंने वहां नोटिस चिपका दिया ।

हालांकि, उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए मामले पर वेब सीरीज तांडव के निर्देशक अली अब्बास जफर को बॉम्बे हाई कोर्ट से राहत मिली है । कोर्ट ने अली अब्बास जफर को तीन हफ्ते की अग्रिम जमानत दी है । विवादों के बीच अमेजॉन प्राइम ने तांडव वेब सीरीज से आपत्तिजनक सीन हटा लिया है ।

OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर कानून बनाना चाहिए

वहीं महराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने भी कहा कि तांडव के खिलाफ उन्हें शिकायत मिली है, इस मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को OTT प्लेटफॉर्म्स को लेकर कानून बनाना चाहिए । देशमुख ने कहा कि केन्द्र को ओटीटी प्लेटफॉर्म्सपर सामग्री को विनियमित करने के लिए एक कानून लाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां उपलब्ध किसी सामग्री के कारण ‘जाति आधारित भेदभाव या सांप्रदायिक विभाजन’ नहीं हो सके ।

बता दें कि सबसे ज्यादा विवाद जीशान आयूब और उनके एक सीन को लेकर देखने को मिल रहा है । सीरीज के एक सीन में जीशान भगवान शिव बन स्टेज परफॉर्म कर रहे हैं । आरोप है कि जीशान भगवान शिव का मजाक उड़ा रहे हैं । इससे हिंदू भावनाओं को आहत किया जा रहा है । इसके अलावा इस सीरीज पर टुकड़े-टुकड़े गैंग को महिमा मंडित करने का आरोप भी लग रहा है ।

अली अब्बास जफ़र ने मांगी माफ़ी

हालांकि वेब सीरिज पर बढ़ते विवाद को देख तांडव के निर्देशक अली अब्बास जफ़र ने सोशल मीडिया पर माफ़ी मांगते हुए लिखा, “हमें पता चला कि वेबसीरीज के कुछ कंटेंट ने लोगों की भावनाओं को दुख पहुंचाया है । मैं बता दूं वेब सीरीज की कहानी पूरी तरह काल्‍पनिक है और हमारी टीम के किसी मेंबर का मकसद लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था । मेकर्स अब तांडव से हर विवादित सीन हटाने को तैयार हो गए हैं । मेकर्स की तरफ सूचना प्रसारण मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया गया है । उनकी नजरों में मंत्रालय ने उन्हें सही दिशा दिखाई और लगातार सपोर्ट किया ।”