सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स एंगल की जांच कर रही नारकोटिक्‍स कंट्रोल ब्‍यूरो यानी एनसीबी ने कल यानी 5 मार्च को करीब 9 महीने बाद मुंबई सेशंस कोर्ट की विशेष NDPS कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की । कुल 52 हजार पन्ने की इस चार्जशीट में 40 हजार पन्ने सॉफ्ट कॉपी में थे जबकि 12 हजार पन्ने हार्ड कॉपी में थे । इस चार्जशीट में कुल रिया चक्रवर्ती समेत कुल 33 लोगों के नाम शामिल है इसके अलावा 200 गवाहों का का जिक्र किया गया है । रिया पर एनडीपीएस ऐक्ट की धारा 27ए के तहत आरोप लगाए गए हैं जिसमें कम से कम 10 साल और अधितकम 20 साल की सजा हो सकती है ।

सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स की खरीद-फरोख्त करती थीं रिया चक्रवर्ती, NCB ने अपनी चार्जशीट में लगाए आरोप

रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स मुहैया कराई

चार्जशीट में रिया पर आरोप लगाया है कि नवंबर 2019 से रिया सुशांत को ड्रग्स मुहैया करा रही थी । इस बारें में एनसीबी ने कहा है कि रिया ने ड्रग्स की खरीद के लिए पैसों का इंतजाम किया, इसलिए वह लगातार ड्रग्स की खरीद-फरोख्त को फाइनैंस कर रही थीं । रिया ने अपने भाई शौविक चक्रवर्ती की मदद के जरिए ड्रग्स की सप्लाई का चैनल तैयार किया ।

एनसीबी चार्जशीट में यह भी कहा है कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर यह साफ है कि रिया ने ड्रग्स को खरीदने, पास रखने, बेचने और उसे एक-जगह से दूसरी जगह ले जाने की पूरी योजना बनाई । वह गांजा, मैरुआना और बड की खरीद-फरोख्त में शामिल थीं । चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि ड्रग्स की खरीद-फरोख्त के लिए रिया के साथ उनका भाई शौविक, सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा, रसोइया दिपेश सावंत और ऋषिकेश नाम का एक शख्स समेत कई लोग शामिल रहे । ये सभी लोग सुशांत को ड्रग्स लाकर देते थे । इनमें से कई लोग जमानत पर बाहर हैं और कई लोग जेल में हैं ।

एनसीबी गहराई से जांच कर रही है

एनसीबी के अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने केस की गहराई से जांच की है और जब्त किए गए सबूतों, तकनीकी सबूतों, बयानों के आधार पर चार्जशीट तैयार की है । अभी मामले की जांच चल रही है ।

एनसीबी के इन आरोपों को रिया के वकील सतीश मानेशिंदे ने औचित्यहीन बताया है । मानेशिंदे ने कहा, “एनसीबी के सारे प्रयास रिया के लिए हैं ताकि किसी तरह से उन्हें फंसाया जा सके । पूरी की पूरी एनसीबी बॉलीवुड में ड्रग एंगल का पता लगाने के काम में लगी हुई है । यह चार्जशीट औचित्यहीन है, जो कि सुशांत सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 67 के तहत दर्ज किए गए अस्वीकार्य सबूतों और बयानों की नींव पर खड़ी है । रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगाए जाने के अलावा इस केस में और कुछ भी नहीं है ।”

सीबीआई का फ़ैसला आना अभी बाकी

बता दें कि 14 जून 2020 को सुशांत अपने मुंबई स्थित फ़्लैट में मृत पाए गए थे । पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स में सुशांत की मौत को आत्महत्या बताया गया लेकिन उनके फ़ैंस और फ़ैमिली इसे आत्महत्या मानने को राजी नहीं थी इसलिए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई ।

सीबीआई ने अपनी तफ़्तीश में कई एंगल तलाशे जिसमें से एक ड्रग्स का एंगल भी सामने आया जिसके बाद रिया चक्रवर्ती को सुशांत के लिए ड्रग्स मुहैया कराने के आरोप में न्यायिक हिरासत में भी लिया गया था । सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंची है । जांच एजेंसियां इस केस की जांच में किसी भी एंगल को नहीं छोड़ना चाहती इसलिए इसका फ़ैसला आने में वक्त लग रहा है ।