प्रभास स्टारर स्पिरिट से बाहर होने के बाद अब दीपिका पादुकोण ने कल्कि 2898 एडी के सीक्वल से भी बाहर होने का फ़ैसला किया है । नाग अश्विन के निर्देशन में बनी वैजयंती मूवीज़ की फ़िल्म कल्कि 2898 एडी के सीक्वल में अब दीपिका पादुकोण नजर नहीं आएँगी । मेकर्स ने आज आधिकारिक बयान जारी करते हुए सोशल मीडिया पर दीपिका पादुकोण के सीक्वल से बाहर होने की खबर को कंफ़र्म किया । मेकर्स ने इशारों-इशारों में वजह भी बताई कि, इतनी बड़ी फिल्म को लंबे समय तक कमिटमेंट चाहिए, लेकिन दीपिका के साथ वह साझेदारी संभव नहीं हो पाई । लेकिन अब बॉलीवुड हंगामा के पास कल्कि 2898 एडी के सीक्वल से दीपिका पादुकोण के बाहर होने की अंदर की खबर की पूरी अपडेट है ।

दीपिका पादुकोण की शर्तों और डिमांड्स से नाराज हुए मेकर्स
बॉलीवुड हंगामा की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, दीपिका की शर्तों और डिमांड्स ने प्रोड्यूसर्स को नाराज़ कर दिया। इस बारें में विश्वसनीय सूत्र ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, “दीपिका पादुकोण ने पहली फिल्म के लिए जो फीस ली थी, उस पर 25 प्रतिशत इज़ाफे की मांग की । इतना ही नहीं, उन्होंने साफ कह दिया कि वह रोज़ाना सिर्फ 7 घंटे ही शूट करेंगी। चूंकि Kalki 2898 AD एक वीएफएक्स-हेवी फिल्म है, इतने कम समय में शूट करने से बजट काफी बढ़ जाता । प्रोड्यूसर्स उन्हें लंबे शूटिंग ऑवर्स के बदले आराम के लिए लग्जरी वैनिटी देने को तैयार थे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। यहां तक कि जब प्रोड्यूसर्स ने यह कहते हुए कि प्रभास ने भी फीस बढ़ाने की कोई मांग नहीं रखी, तो भी दीपिका और उनकी टीम ने किसी तरह का एडजस्टमेंट करने से मना कर दिया ।”
सूत्र ने आगे बताया, “दीपिका की टीम बहुत बड़ी है, लगभग 25 लोग उनके साथ सेट पर आते हैं । उन्होंने इस पूरे एंटूराज के लिए फाइव-स्टार होटल में ठहरने और शूट के दौरान खाने-पीने का रिइम्बर्समेंट मांगा । किसी एक्टर की फीस के ऊपर प्रोड्यूसर्स उनकी टीम का रहना और खाना क्यों दें ? यह समस्या कई हिंदी फिल्म प्रोड्यूसर्स भी झेलते हैं।”
हालांकि प्रोड्यूसर्स ने कई बार अनुरोध किया कि दीपिका अपनी टीम का साइज घटाएं, लेकिन वह अपनी शर्तों पर अडिग रहीं । आखिरकार, बातचीत बेनतीजा रहने पर प्रोड्यूसर्स ने उनके साथ काम न करने का निर्णय लिया।
सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद सिर्फ कल्कि 2898 एडी तक सीमित नहीं है। नाग अश्विन की फिल्म स्पिरिट में भी इसी तरह की समस्या सामने आई थी। प्रोड्यूसर्स का कहना है, “ऐक्टर्स को ज़्यादा सहयोगी होना चाहिए, तभी इतनी बड़ी फिल्में सफल हो पाती हैं ।”
















