सलमान खान के घर पर फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने एक नई एफआईआर दर्ज की है । इस मामले में आपराधिक धमकी देने के आरोप में पुलिस ने राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है । आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गूजर (27) के रूप में हुई है । आरोपी ने वीडियो रिलीज़ कर कहा था कि वह सलमान को मारने के लिए जा रहा है ।

सलमान खान को फिर मिली धमकी-  वीडियो बनाकर कहा- “मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि…” ; लॉरेंस बिश्नोई से अपना संबंध बताने वाले राजस्थान के यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने किया अरेस्ट

सलमान खान के घर पर फायरिंग मामले में एक और गिरफ़्तारी

पुलिस अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 27 वर्षीय बनवारीलाल लटूरलाल गुजर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, “लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बरार और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं और मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उन्होंने अभी तक माफी नहीं मांगी है ।

आरोपी ने राजस्थान के एक हाईवे पर वीडियो बनाया और अपने चैनल पर अपलोड कर दिया । मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि धमकी वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए एक टीम राजस्थान भेजी गई थी ।  इस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है । मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन में इस मामले में केस दर्ज किया गया है । पुलिस आरोपी का क्रिमिनल बैकग्राउंड भी जांच कर रही है ।

पुलिस के अनुसार, शिकायत तब दर्ज की गई जब एक दर्शक ने 'आरे छोड़ो यार' चैनल पर एक वीडियो देखा, जिसमें एक व्यक्ति हिंदी में बात करते हुए गिरोह के सदस्यों गोल्डी बरार, विवेक भैया, रोहित और जितिन के साथ संबंध होने का दावा करता है और सलमान खान को धमकी देता है । पुलिस द्वारा लिखित सामग्री में कुछ इस तरह के कथन शामिल थे: “राम राम मेरे सभी भाईयो (मेरे सभी भाईयों को राम राम)...भाइयों, अब हम सब भाई हैं, गोल्डी मेरा भाई है, नितिन, विवेक, रोहित और जितिन, वे सभी यहां हैं और कई और भाई हैं।वीडियो में आगे कहा गया है, “हमारा इरादा स्पष्ट था, हम क्या चाहते हैं और इसे साझा किया गया था लेकिन वह सुन नहीं रहा है। उसका अहंकार आहत होता है। उसका एक रवैया है और उसका एक अहंकार है। वह खुद को दबंग किंग खान मानता है।

इस वीडियो के आधार पर, साउथ साइबर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 506 (2) (आपराधिक धमकी), 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और 34 (साझा इरादे से कई लोगों द्वारा किए गए कार्य) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 66 (डी) (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में मामले को जांच के लिए एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (एईसी) को सौंप दिया गया।