बॉलीवुड के बाहर से आई अन्य प्रतिभाशाली अभिनेत्री की तरह, अहाना कुमारा भी शोबीज के शिकारियों के साथ एक ऐसे अपमानजनक अनुभव से गुजर चुकी है । लेकिन उन अनुभवों ने उन्हें निष्कलंक छोड़ दिया है । इस बारें में बात करते हुए अहाना कुमरा कहती हैं कि, ''मेरा विश्वास करो, मैंने बाहरी लोगों के अनुभवों को परखा है, और मैं यहां नवागंतुक महिला-पुरुष दोनों के बारें में बात कर रही हूं, जो कि बहुत निराशाजनक है ।
ऐसा अनुभव आपकी आत्मा को झकझोर देता है । ये लोग अपने घर से दूर, कुछ करने आते हैं, लेकिन ऐसे अनुभव से गुजरना उनके लिए काफ़ी परेशानी भरा हो जाता है । किसी भी नवोदित कलाकार की तरह मैं भी जितना संभव हो सके निर्माता-निर्देशकों से मिली । कलाकारों या मनुष्यों के रूप में उनकी गुणवत्ता निर्धारित करने के लिए मेरे पास कोई फ़िल्टर नहीं था । मैं गलत कंपनी में थी, उन जगहों पर काम की तलाश में जुटी हुई थी, जहां मुझे नहीं होना चाहिए था ।"

अहाना कुमरा ने अपने साथ हुए अपमानजनक अनुभव को शेयर किया
अहाना के साथ ये अपमानजनक अनुभव उस दौरान हुआ था जब वह साजिद खान से मिलने उनके घर गई थी । साजिद ने अपने घर बुलाकर अहाना से सेक्स रिलेटेड सवाल पूछे थे । अहाना ने बताया कि, ''मैं साजिद से मिलने उनके घर गई थी । मैं सुबह के समय गई थी जो मेरे हिसाब से एक सुरक्षित समय था । उन्होंने चाय पर मुझसे काफ़ी सौहार्दपूर्ण बात की और काफ़ी अच्छी तरह से मुझसे कहा कि मैं मुख्यधारा हिंदी सिनेमा के लिए कभी नहीं बनी, जो ठीक था । वह अपनी राय रखने के हकदार थे ।
लेकिन इसके बाद उन्होंने मुझसे अजीबो-गरीब सवाल किए । उन्होंने मुझसे कहा कि, क्या मैं 100 करोड़ रुपए के लिए एक कुत्ते के साथ सेक्स करुंगी । क्या साजिद ये सवाल जाह्नवी कपूर या सारा अली खान से पूछेंगे ? नहीं, बिल्कुल नहीं, सच्चाई ये है कि, सिर्फ़ और सिर्फ़ संघर्षरत कलाकार ही, जो इंडस्ट्री से बाहर के होते हैं, इस तरह के यौन शोषण का सामना करते है ।''
पुरुष कलाकार चुप्पी बनाए रखते हैं
अफसोस की बात है कि उभरते हुए पुरुष कलाकार इस पर चुप्पी बनाए रखते है । अहाना ने स्पष्ट किया कि, ''पुरुष कलाकार इस बारें में बात करने में बहुत झिझकते है लेकिन वहीं हमारी जैसी महिला कलाकारों ने एक जुट होकर इस बारें में बोलकर हिम्मत दिखाई ।
फिल्म उद्योग के पुरुषों के बीच मिसाजनी और सेक्स स्वीकार्य है । कई आदमी इसे अच्छा नहीं मानते है । ऐसे पुरुषों को उनके मां-बाप द्दारा पीटा गया था जब उन्होंने पहली बार अपने साथ हुए यौन शोषण का जिक्र किया था । हम इस परेशानी की स्थिति से बच गए होंगे । जब छोटे शहरों से आए नवोदित कलाकार ऐसे असहज व्यवहार का सामना करते हैं तो उनके मनोबल को काफ़ी धक्का लगता है । क्योंकि न तो वो घर जाकर इस बारें में अपने माता-पिता को बता पाते हैं और न ही कोई एक्शन ले पाते है ।''
सौभाग्य से अहाना के लिए, लिपस्टिक अंडर माय बुर्का के बाद अहाना के लिए स्थिती काफ़ी बदल गई और ये फ़िल्म उनके लिए गेम चेंजिंग नारीवादी फ़िल्म साबि्त हुई जिसने उन्हें व्यावसायिक और महत्वपूर्ण सफ़लता दिलाई । ''मैं अपने करियर और मेरे जीवन में नए दरवाजे खोलने के लिए, (निर्देशक) अलंक्रिता श्रीवास्तव और मेरे शानदार सह-कलाकार रत्ना पाठक मेम और कोंकोना सेन शर्मा मैम के लिए हमेशा से आभारी रहूंगी ।"
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अहाना जल्द ही मनमोहन सिंह की बायोपिक फ़िल्म द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर, में प्रियंका गांधी के किरदार में नजर आएंगी । ''मुझे लगता है कि मुझ्में और प्रियंका गांधी में काफ़ी कुछ समानता है । हम इस बात की बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे हैं कि आखिर दर्शक श्री सिंह की कहानी को फ़िल्मी पर्दे पर देखकर कैसी प्रतिक्रिया देंगे ।''
















