एक्ट्रेस और एथलीट सैयामी खेर ने अपने करियर में एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। सैयामी को आयरनमैन इंडिया का आधिकारिक चेहरा चुना गया है। यह सम्मान उन्हें इसलिए मिला क्योंकि उन्होंने सिर्फ एक साल के अंदर दो बार आयरनमैन 70.3 ट्रायथलॉन पूरा किया जो किसी भी भारतीय अभिनेत्री के लिए पहली बार है।

दुनिया की सबसे टफ रेस को एक साल से भी कम समय में दो बार पूरा करने पर सैयामी खेर बनीं आयरनमैन इंडिया का चेहरा

सैयामी खेर बनीं आयरनमैन इंडिया का चेहरा

सैयामी ने अपना पहला आयरनमैन 70.3 सितंबर 2024 में और दूसरा जुलाई 2025 में पूरा किया। इस ट्रायथलॉन को पूरा करना बेहद मुश्किल होता है इसमें 1.9 किमी तैरना, 90 किमी साइकिल चलाना और 21.1 किमी दौड़ना होता है, वह भी एक ही दिन लगातार।

उनकी लगन, मेहनत और हौसले से प्रभावित होकर आयरनमैन की अंतरराष्ट्रीय कमेटी ने सैयामी को आयरनमैन इंडिया का चेहरा बनाया है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जो सच्चे अर्थों में जज़्बे और हिम्मत की मिसाल बनते हैं।

अपनी खुशी जाहिर करते हुए सैयामी खेर ने कहा, “मुझे आयरनमैन इंडिया का चेहरा बनकर बेहद गर्व और खुशी महसूस हो रही है। यह आयोजन 9 नवंबर को गोवा में होगा। मेरे लिए यह सफर जुनून, लगन और कभी हार न मानने की भावना का प्रतीक है। एक साल के अंदर दो बार आयरनमैन 70.3 पूरा करना किसी रिकॉर्ड के लिए नहीं था, बल्कि खुद को चुनौती देने के लिए था। हर तैराकी, हर पहाड़ी साइकिल राइड और हर दौड़ का कदम मुझे याद दिलाता रहा कि इंसान का शरीर और मन कितना सक्षम है।”

सैयामी आगे कहती है, “मेरे लिए आयरनमैन सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि एक सोच है, एक जीवनशैली है। चाहे खेल हो या अभिनय, मुझे हमेशा अपनी सीमाएं पार करना पसंद है। अगर मेरी यात्रा से और भारतीय, खासकर महिलाएं, प्रेरित होती हैं तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए कोई नहीं। हर साल भारतीयों की भागीदारी बढ़ते देखना बहुत सुखद है। यह खेल हमें न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है।”

आयरनमैन इंडिया का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए एक ‘फुल-सर्कल मोमेंट’ जैसा है और मैं इस समुदाय का हिस्सा बनकर आभारी हूं जो ताकत, हिम्मत और दृढ़ संकल्प का जश्न मनाता है।”

आयरनमैन इंडिया का चेहरा के रूप में सैयामी खेर अब देश में फिटनेस और एंड्यूरेंस स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगी। उनकी प्रेरणादायक यात्रा से आयरनमैन इंडिया को उम्मीद है कि और अधिक लोग इस खेल से जुड़ेंगे और सैयामी की तरह अपनी सीमाएं तोड़ने की प्रेरणा लेंगे।