अभी कुछ दिन पहले गायक सोनू निगम ने धर्म के नाम पर इस्तमाल किये जाने वाले लाउडस्पीकरों को गुंडागर्दी बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया था । सोनू निगम ने सुबह-सुबह ट्वीट कर कहा था कि, 'लाउडस्पीकर से दी जाने वाली अजान से उनकी नींद खराब हो जाती है और जब वह मुस्ल‍िम नहीं हैं तो वह इस धार्मिक कट्टरता को क्यों बर्दाश्त करें, ऐसा करना तो सरासर गुंडागर्दी है ।'  बस फ़िर क्या था, सोनू निगम द्दारा 'अजान' को लेकर किए गए ट्वीट से सोशल मीडिया में कोहराम सा मच गया है । जहां एक तरफ़ कुछ लोग उनके इस ट्वीट की निंदा करने लगे वहीं दूसरी तरफ़ कुछ लोग उनके समर्थन में सामने आए । अब सोनू निगम के समर्थन में सामने आए हैं सैफ़ अली खान, जिसने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि अजान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करना असुरक्षा का संकेत है ।

एक लोकप्रिय अखबार को दिए एक इंटरव्यू में सैफ़ अली खान ने सोनू निगम के ट्वीट पर बात करते हुए कहा कि ‘एक स्तर पर मैं इस बात से सहमत हूं कि जितनी कम आवाज हो उतना ही अच्छा है, लेकिन मैं ये भी समझता हूं कि अजान के दौरान ध्वनि का विस्तार एक तरह से असुरक्षा की भावना से पैदा होती है ।’ सैफ अली खान ने अजान विवाद पर विस्तार से अपनी बात रखी । उन्होंने कहा कि सिर्फ यहां ही नहीं दुनिया के हर कोने में तेज आवाज से अजान देना असुरक्षा की भावना से पैदा होती है । इस बारे में उन्होंने इजरायल का भी उदाहरण दिया । सैफ ने कहा कि यहां तीन धर्मों के लोग रहते हैं लेकिन यहां भी अजान लाउडस्पीकर से ही दी जाती है । सैफ अली खान के मुताबिक एक अल्पसंख्यक होने के नाते आप चाहते हैं कि दूसरे लोग आपकी मौजूदगी का एहसास करें, यहीं नहीं वे आपकी उपस्थिति को स्वीकार भी करें । सैफ ने कहा कि अगर इस हालत में कोई भी अजान की आवाज को कम करने को कहता है तो इससे कुछ लोगों का उग्र हो जाना स्वभाविक है ।

सैफ़ ने आगे कहा कि, “अल्पसंख्यांक होने की वजह से आप अपनी मौजूदगी का एहसास दिलाना चाहते हैं । ऐसे में कोई यह कहता है कि इसे दबा देना चाहिए तो हो सकता है उसे असुविधा हो । डेसिबल लेवल पर विचार होना आवश्यक है । हालांकि मुझे लगता है जो ट्वीट था वो शुरू में आक्रामक था ।  मुझे लगता है कि धर्म व्यक्तिगत होना चाहिए और देश धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए ।