आज सुबह फिल्म ट्रेड जगत में हलचल मच गई जब बॉलीवुड हंगामा ने खुलासा किया कि इस हफ्ते रिलीज होने वाली बड़ी फिल्म जॉली एलएलबी 3 की एडवांस बुकिंग को देशभर में सबसे बड़े मल्टीप्लेक्स चेन PVR Inox ने रोक दिया । बुधवार 17 सितंबर की शाम को बुकिंग सस्पेंड कर दी गई थी । हालांकि गुरुवार 18 सितंबर की सुबह से बुकिंग धीरे-धीरे फिर से शुरू हुई, जिससे मेकर्स और फैन्स ने राहत की सांस ली। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ?

REVEALED: जॉली एलएलबी 3 की एडवांस बुकिंग फिर से हुई शुरू ; PVR Inox और प्रोड्यूसर्स में वर्चुअल प्रिंट फी को लेकर हुआ मतभेद

जॉली एलएलबी 3 की एडवांस बुकिंग फिर से हुई शुरू

एक ट्रेड सोर्स ने बताया, “लंबे समय से हर प्रोड्यूसर को अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए हर थिएटर को वर्चुअल प्रिंट फी (VPF) देनी पड़ती है। लेकिन हॉलीवुड स्टूडियोज़ को इस फीस से छूट मिली हुई है। भारत में मौजूद इन हॉलीवुड दिग्गज कंपनियों की वर्टिकल्स भी VPF नहीं चुकातीं। जॉली एलएलबी 3, स्टार स्टूडियो18 की फिल्म है, जो डिज़्नी और वायकॉम का हिस्सा है। इसलिए माना जा रहा था कि इसे भी VPF वेवर मिलेगा। लेकिन PVR Inox ने जोर दिया कि उन्हें भी बाकी प्रोडक्शन हाउसेज़ की तरह VPF चुकानी होगी।”

सोर्स ने आगे कहा, “फिल्म के मेकर्स का कहना था कि समझौते के मुताबिक उनकी फिल्म बिना VPF के रिलीज होनी चाहिए। लेकिन मल्टीप्लेक्स चेन ने इसे मानने से इनकार कर दिया, और यही वजह बनी कि शो की बुकिंग रोक दी गई।”

हालांकि दोनों पक्ष अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन एडवांस बुकिंग गुरुवार सुबह से फिर शुरू हो गई। अब देखना यह होगा कि क्या जॉली एलएलबी 3 को VPF में छूट मिलती है या मेकर्स को भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ेगी।

वर्चुअल प्रिंट फी (VPF) वह चार्ज है, जो भारत के बड़े मल्टीप्लेक्स चेन प्रोड्यूसर्स या डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेते हैं। इसका मकसद थिएटर में लगने वाली नई तकनीक की लागत को कवर करना होता है, जिससे दर्शकों को बेहतर सिनेमाई अनुभव मिल सके। औसतन यह फीस करीब 20,000 रुपये प्रति स्क्रीन होती है। छोटे सिनेमाघरों और नॉन-2K थिएटर्स में यह फीस UFO, Scrabble, Qube जैसी कंपनियों द्वारा वसूली जाती है।

निर्माताओं का मानना है कि VPF को अनिश्चित काल तक नहीं वसूला जाना चाहिए। यह सिर्फ कुछ समय के लिए लागू होना था। दूसरी तरफ, थिएटर मालिकों का कहना है कि VPF जरूरी है क्योंकि यह नई तकनीक के खर्च को पूरा करने में मदद करता है।

2019 में यह मुद्दा सुर्खियों में आया था जब निर्माता रोनी स्क्रूवाला ने PVR, Inox, Cinepolis और Carnival Cinemas के खिलाफ Competition Commission of India (CCI) में केस दायर किया था। हालांकि, CCI ने मल्टीप्लेक्सेस के पक्ष में फैसला सुनाया।

इस साल की शुरुआत में भूल चुक माफ़ की रिलीज़ के समय VPF फिर चर्चा में आया। तब मल्टीप्लेक्सेस ने खास छूट दी थी । फिल्म को ओटीटी पर दो हफ्ते बाद रिलीज़ करने की अनुमति मिली और VPF तभी वसूला गया जब फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तयशुदा कलेक्शन पार किया।