पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान और माहिरा खान की कॉस्ट्यूम ड्रामा द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट जल्द ही भारत में रिलीज होने वाली है । लेकिन रिलीज से पहले ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने एक बार फिर पाकिस्तानी कलाकारों और फिल्मों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है । MNS ने साफ़ कहा है कि, वे किसी भी पाकिस्तानी फिल्म को भारत में रिलीज नहीं होने देंगे और कोई पाकिस्तानी एक्टर भारत आया तो उसकी पिटाई भी की जाएगी । वहीं राज ठाकरे ने ट्वीट किया है कि वे फवाद खान की पाकिस्तानी ब्लॉकबस्टर फ़िल्म द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट को महाराष्ट्र में रिलीज नहीं होने देंगे । यह धमकी बेबुनियाद है, क्योंकि यह कॉस्ट्यूम ड्रामा महाराष्ट्र सहित भारत में रिलीज नहीं हो रही है जबकि सिर्फ़ पंजाब में रिलीज़ हो रही है ।

फवाद खान की द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट का विरोध
दिल्ली में रहने वाले थिएटर और फिल्म अभिनेता इमरान जाहिद, जो भारत और पाकिस्तान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को फिर से सही करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, फिल्म की रिलीज पर मिल रही धमकियों से हैरान हैं । वे कहते हैं, “भारत में फिल्म के वितरकों (जी स्टूडियोज) ने साफ कर दिया है कि फिल्म सिर्फ पंजाब में ही रिलीज हो रही है, फिर ये क्या है, ‘मुंह तोड़ देंगे, शीशा फोड़ देंगे ।’ अरे भाई, द लीजेंड ऑफ मौला जट्ट महाराष्ट्र में रिलीज नहीं हो रही है । फिर ये धमकियां किस बात की ? ऐसा लग रहा है कि तुम्हें मेरे घर नहीं बुलाया गया है और तुम आ भी नहीं रहे हो । लेकिन आ कर तो देखो ।”

इमरान का मानना है कि शांति को एक मौका दिया जाना चाहिए । “ये सभी धमकियाँ और धमकाने की तरकीबें हमें शांति से दूर कर रही हैं । कला और संस्कृति को हमेशा राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए । हमारे देश को मौला जट्ट जैसी बेहतरीन फ़िल्म से वंचित करके आप बाकी दुनिया को क्या संदेश दे रहे हैं ?”
















