भारत की प्रमुख कंटेंट पावरहाउस कंपनी, जियो स्टूडियोज़ एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। इसकी तीन आगामी फिल्मों – घमासान, साली मोहब्बत और बन टिक्की का चयन प्रतिष्ठित 16वें शिकागो साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल (CSAFF) में किया गया है।

जियो स्टूडियोज की तीन फ़िल्में पहुँची फिल्म फेस्टिवल में
ये फिल्में भारत से दुनिया तक नामक विशेष रूप से तैयार किए गए सेक्शन में प्रदर्शित होंगी। इस सेक्शन में तीन अलग-अलग शैलियों की फिल्में शामिल की गई हैं, जो एक साथ देखने पर भारत के फ़िल्मों की बहुआयामी और परतदार तस्वीर पेश करती हैं। ग्रामीण जीवन की गहराइयों से लेकर शहरी जीवन की जटिलताओं तक, ये फिल्में भारतीय मूल्यों, जज़्बे और बदलती पहचान का विस्तृत परिदृश्य प्रस्तुत करती हैं।
यह फेस्टीवल 18 से 21 सितंबर, 2025 के बीच आयोजित होगा, जिसमें जियो स्टूडियोज़ की फिल्मों को ख़ास सेक्शन में प्रदर्शित किया जाएगा।
साली मोहब्बत ओपनिंग नाइट (19 सितंबर): यह दमदार ड्रामा टिस्का चोपड़ा के निर्देशन की पहली फिल्म है। फिल्म ग्रामीण और शहरी भारत की बदलती सीमाओं पर आधारित है, जहाँ एक छोटे शहर की महिला घरेलू हिंसा और विश्वासघात के बीच अपनी पहचान पुनः हासिल करती है। फिल्म में राधिका आप्टे, अंशुमान पुष्कर, दिब्येंदु गांगुली और अनुराग कश्यप मुख्य भूमिकाओं में हैं। साली मोहब्बत का निर्माण ज्योति देशपांडे ने किया है और यह मशहूर फैशन स्टाइलिस्ट से प्रोड्यूसर बने मनीष मल्होत्रा की पहली प्रोडक्शन फिल्म है।
घमासान सेंटरपीस फिल्म (20 सितंबर): प्रसिद्ध फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया द्वारा निर्देशित यह ग्रामीण थ्रिलर भारत के हृदय स्थल की कहानी कहती है। फिल्म एक युवा राष्ट्र की जड़ों और उसके अतीत से चल रही जद्दोजहद को दर्शाती है। इसमें प्रतीक गांधी, अरशद वारसी और ईशिता दत्ता अहम भूमिकाओं में हैं। घमासान का निर्माण ज्योति देशपांडे, पियूष सिंह, अश्विनी चौधरी, अभयानंद सिंह और सौरभ गुप्ता ने किया है।
बन टिक्की मार्की फिल्म (21 सितंबर): यह मार्मिक ड्रामा शहरी भारत की झलक प्रस्तुत करता है। इसमें एक छोटे बच्चे और उसके आसपास के लोगों की पहचान से जुड़ी उलझनों, कोमल भावनाओं और साहस को संवेदनशील ढंग से दिखाया गया है। फिल्म में शबाना आज़मी और ज़ीनत अमान जैसी दिग्गज अभिनेत्रियाँ के साथ अभय देओल, नुसरत भरुचा और रोहान सिंह भी नज़र आएंगे। बन टिक्की का निर्माण ज्योति देशपांडे, दिनेश मल्होत्रा, मरिज्के डीसूज़ा और मनीष मल्होत्रा ने किया है। यह निर्देशक फ़राज़ आरिफ़ अंसारी की पहली फीचर फिल्म भी है।
शिकागो साउथ एशियन फिल्म फेस्टिवल : दक्षिण एशियाई फिल्मकारों की रचनात्मकता और कला को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए प्रसिद्ध CSAFF हमेशा से विविध आवाज़ों और अनोखी कहानियों को प्रस्तुत करता रहा है। इस वर्ष जियो स्टूडियोज़ का विभिन्न प्रतिभाशाली फिल्मकारों के साथ सहयोग, दक्षिण एशियाई सिनेमा की पहुँच को दुनिया भर में और मज़बूत बनाने की इसकी प्रतिबद्धता को और स्पष्ट करता है।
















