इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न (IFFM) 2025 में महान फिल्म निर्देशक ऋत्विक घटक को एक खास श्रद्धांजलि दी जाएगी, उनके जन्म के 100 साल पूरे होने के अवसर पर। भारतीय सिनेमा के एक मज़बूत स्तंभ माने जाने वाले ऋत्विक घटक ने बतौर निर्देशक, लेखक, अभिनेता और नाटककार अपनी एक अलग पहचान बनाई, हालांकि उनके कई कामों को उनके जीवनकाल में उतनी पहचान नहीं मिल सकी।

इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2025 में पद्मश्री और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर ऋत्विक घटक को फ़िल्मों में उनके योगदान के लिए मिलेगा खास सम्मान

ऋत्विक घटक के जन्म शताब्दी वर्ष पर खास श्रद्धांजलि

बंटवारे के दर्द, सामाजिक सच्चाइयों और नारीवाद जैसे विषयों पर गहराई से काम करने वाले ऋत्विक घटक की फिल्में मेघे ढाका तारा, सुवर्णरेखा और कोमल गंधार आज सिनेमा की कालजयी कृतियों में गिनी जाती हैं। उनकी अनोखी सोच और क्रांतिकारी दृश्य शैली ने भारतीय सिनेमा को एक नई दिशा दी, जिसे आज भी दुनियाभर के फिल्मकार और विद्वान गहराई से समझने की कोशिश कर रहे हैं।

पद्मश्री और कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित ऋत्विक घटक को इतिहास के सबसे महान फिल्मकारों में शुमार किया जाता है। IFFM 2025 में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए उनकी प्रमुख फिल्मों की स्क्रीनिंग, पैनल डिस्कशन और शैक्षणिक सेशन्स होंगे, ताकि उनकी विरासत को दुनिया के नए दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।

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इस बारे में बात करते हुए IFFM की फेस्टिवल डायरेक्टर मितु भौमिक लैंगे ने कहा, “ऋत्विक घटक अपने समय से बहुत आगे सोचने वाले फिल्मकार थे। उनकी फिल्मों में विस्थापन, पहचान और मानसिक पीड़ा को जिस संवेदनशीलता और काव्यात्मकता से दिखाया गया, वो आज भी उतना ही प्रासंगिक है। IFFM में हमारा उद्देश्य ऐसे सिनेमा के महानायक को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाना है। यह शताब्दी कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि हमें याद दिलाने वाला है कि हमें कैसी कहानियां आगे भी सुनानी चाहिए।”

यह शताब्दी उत्सव IFFM 2025 के मुख्य आकर्षणों में से एक होगा, जिसमें सिनेमा प्रेमी, इतिहासकार और आज के फिल्म निर्माता मिलकर एक ऐसे दिग्गज को याद करेंगे, जिन्होंने भारतीय सिनेमा की भाषा को ही बदल दिया।