ॠतिक रोशन और कंगना रनौत का 4 साल पुराना विवाद एक बार फ़िर से उभर आया है । दरअसल, ऋतिक रोशन की एफआईआर पर उनके केस की जांच को साइबर सेल से क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) में ट्रांसफर किया गया है । अब तक यह केस साइबर सेल के पास था । केस को सीआईयू के पास ट्रांसफर किए जाने की खबर के बाद कंगना रनौत ने ऋतिक रोशन पर तंज कसते हुए ट्विटर पर लिखा है कि आखिर कब तक तुम एक छोटे से अफेयर के लिए रोओगे ?

ॠतिक रोशन और कंगना रनौत का 4 साल पुराना केस अब क्राइम ब्रांच सुलझाएगी, कंगना बोलीं- ‘कब तक एक छोटे से अफेयर के लिए रोओगे ?’

ॠतिक रोशन और कंगना रनौत का विवाद फ़िर उभरा

साल 2013 में आई फ़िल्म कृष के दौरान कंगना और ऋतिक के बीच अफ़ेयर की खबरों ने खूब तूल पकड़ा था । लेकिन कुछ दिन बाद ही दोनों के बीच ब्रेकअप की भी खबरें आने लगी । इसके बाद दोनों ने एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और मामला कोर्ट तक पहुंच गया । जब इस मामले की जांच में कोई प्रोगेस होती नहीं दिखी तो फ़िर ऋतिक के वकील ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से केस ट्रांसफर करने की गुज़ारिश की थी, जिसके बाद ये फैसला लिया गया कि अब उनके केस की जांच साइबर सेल नहीं बल्कि क्राइम ब्रांच के क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) करेगी ।

कंगना ने साधा निशाना

इस बात पर कंगना ने ॠतिक पर निशाना साधा । कंगना ने केस ट्रांसफर करने की खबर के वीडियो को शेयर किया और ऋतिक को टैग करते हुए कहा कि एक छोटे से अफेयर के लिए कब तक रोएगा । कंगना ने लिखा, “इसकी दुखभरी कहानी फिर शुरू हो गई । हमारे ब्रेक अप को और उसके डिवोर्स को कई साल गुज़र गए, लेकिन उन्होंने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया है । किसी और महिला को डेट करने से भी इनकार कर दिया है । जब मैं अपने निजी जीवन में कुछ आशा पाने के लिए साहस जुटाती हूं तो वह फिर से वही नाटक शुरू कर देता है । कब तक रोएगा एक छोटे से अफेयर के लिए ?”

ईमेल फ़ाइट केस

गौरतलब है कि, ऋतिक को 2013 से 2014 के बीच 100 ईमेल मिले थे । बताया गया कि ये ई-मेल फिल्म अभिनेत्री कंगना की मेल आईडी से भेजे गए थे । इसे लेकर ऋतिक ने 2017 में साइबर सेल में एक शिकायत दर्ज कराई थी । ईमेल कंगना की आईडी से आए थे । उस समय कंगना ने कहा था कि उनकी ई-मेल आईडी हैक हो गई थी और उन्होंने ऋतिक को कभी कोई ई-मेल नहीं किए । इससे पहले, 2016 में ऋतिक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था । तब भारतीय दंड संहिता की तमाम धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था । इसमें आईटी एक्ट और चीटिंग संबंधी धारा भी शामिल थी ।