
बीती शाम बॉलीवुड के 'किंग ऑफ़ रोमांस' शाहरुख खान को नेशनल यश चोपड़ा मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया गया । महाराष्ट्र के गवर्नर सी विद्यासागर राव और अभिनेत्री रेखा के हाथों शाहरुख खान को ये पुरस्कार मिला । पुरस्कार प्राप्त कर शाहरुख खान बहुत भावुक हो गए क्योंकि यश चोपड़ा ही वो शख्स थे जिन्होंने शाहरुख को बॉलीवुड का रोमांस किंग बना दिया । इस दौरान शाहरुख ने यश चोपड़ा से अपने रिश्तों के बारें में कई खुलासे किए साथ ही ये भी बताया कि वो आज भी जिस भी मुकाम पर हैं वो सिर्फ़ यश चोपड़ा की वजह से हैं ।
शाहरुख खान ने एक बार फ़िर अपने फ़िल्मी करियर की सफ़लता का एक बड़ा श्रेय यश चोपड़ा को दिया जिसके साथ उन्होंने ढेर सारी फ़िल्में की । पुरस्कार लेने के बाद शाहरुख ने बताया कि, उन्होंने यश चोपड़ाके साथ काम ‘डर’ फिल्म के साथ काम शुरू किया था, जिसमें वे नेगेटिव किरदार में नजर आए थे । उन्होंने आगे बताया कि, ‘‘यश जी मुझे कह रहे थे कि जब तक मैं प्रेमी का किरदार निभाना शुरू नहीं करता हूं तब तक मेरे लिए पेशेवर तौर पर कुछ भी बदलने नहीं जा रहा है.’’ खान का कहना है कि वह शुरुआत में पर्दे पर प्रेमी का किरदार अदा करने से बचते थे । शाहरुख ने आगे कहा कि, ‘‘ मैं पर्दे पर प्रेम में डूबा रहने वाले लड़के का किरदार निभाना नहीं चाहता था क्योंकि मुझे लगता था कि मैं रोमांस में अच्छा नहीं हूं । मैं मानता था कि मैं आकषर्क नहीं हूं । लेकिन यश जी मुझे लगातार इस बारे में कहते रहे । उन्होंने यह भी कहा कि अगर मैं इस तरह का किरदार नहीं निभाता हूं तो मेरा करियर आगे नहीं बढ़ पाएगा ।’’
यश चोपड़ा के बैनर तले बनी फ़िल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने मेरे करियर में एक बड़ा बदलाव लाया । और इसके बाद ‘कुछ कुछ होता है’, ‘मोहब्बतें’, ‘दिल तो पागल है’, ‘देवदास’, ‘वीर जारा’ और ‘जब तक है जान’ जैसी फिल्मों में रोमांस करने के बाद शाहरुख को 'रोमांस का किंग'
कहा जाने लगा ।
यश चोपड़ा को अपने पिता का दर्जा देते हुए शाहरुख ने कहा कि, 'अगर वह नहीं होते तो ‘‘मैं कभी कश्मीर नहीं जा पाता । मेरी मां कश्मीरी है । मेरे पिता ने मुझसे कहा था कि तुम मेरे बिना कश्मीर नहीं जाना । इसलिए मैं वहां कभी नहीं गया । जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने मुझे वहां बुलाया था लेकिन मैंने उन्हें भी मना कर दिया । मैं तब तक वहां नहीं गया जब तक कि यशजी ने ‘जब तक है जान’ बनाने का निर्णय नहीं ले लिया. इसलिए सबसे खूबसूरत जगह मैं मेरे पिता (यश चोपड़ा का संदर्भ) के साथ गया और अपने परिवार के साथ गया ।’’
यश चोपड़ा के बारें में बताते हुए शाहरुख ने बताया कि वह अपनी फ़िल्म के सेट पर हमेशा अपनी टीम की परवाह करते थे और उन पर प्यार लुटाते थे । शाहरुख खान और यश चोपड़ा का रिश्ता काफी गहरा रहा है । शाहरुख को यश चोपड़ा अवॉर्ड, सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया । बहरहाल ये पुरस्कार पाकर शाहरुख ने खुद को काफ़ी धन्य महसूस किया ।
















