
इस महीने की शुरूआत में, समीक्षकों और दर्शकों द्दारा सराही गई और बॉक्सऑफ़िस पर जबरदस्त कमाई करने वाली इरफ़ान खान और सबा कमर अभिनीत फ़िल्म हिंदी मीडियम कॉपीराइट के चक्कर में फ़ंस गई थी । दरअसल इस फ़िल्म पर 2014 में आई बंगाली फिल्म रामधनु: द रेनबो की कॉपी करने का आरोप लगा था । कॉपीराइट के उल्लंघन में फ़ंसी इस फ़िल्म पर अब कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुना दिया है और फ़ैसला हिंदी मीडियम के पक्ष में रखा है और जिसके बाद बंगाली फ़िल्म के मेकर्स ने अपना केस वापस ले लिया है ।
बंगाली फ़िल्ममेकर शिबप्रसाद मुखर्जी और नंदिता रॉय ने हिंदी मीडियम फ़िल्म रिलीज होने के, देखने के बाद इस फ़िल्म का उनकी बंगाली फ़िल्म रामधनु से समानता पाए जाने पर फ़िल्म के मेकर्स के खिलाफ़ मुकदमा दायर कि्या था । और अब खबर आ रही है कि दिनेश विजान और भूषण कुमार की हिंदी मीडियम जिसे साकेत चौधरी दारा निर्देशित किया गया था, कोर्ट में तथ्यों और गवाहों के साथ केस जीत गई है और जिसके बाद रामधनु टीम ने फ़िल्म के खिलाफ़ अपना केस वापस ले लिया है । अब रामधनु के मेकर्स ने हिंदी मीडियम के खिलाफ अपने केस के सभी पहलुओं को वापस ले लिया है ।
शिक्षा प्रणाली पर कटाक्ष करती फ़िल्म हिंदी मीडियम बच्चे के स्कूल दाखिले के समय आई दिक्कतों को दर्शाती है । यह उन मिडिल क्लास घरों की कहानी है जिन्हे अग्रेजी नहीं बोलनी आती है । देश की सच्चाई को बयां करती ये फ़िल्म 19 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और यह साल की सफ़ल फ़िल्मों में से एक बन गई थी ।
हिंदी मीडियम फ़िल्म टी-सीरीज़ और मैडॉक द्दारा प्रस्तुत की गई थी ।
















