जब से सुनील ग्रोवर, अली असगर और चंदन प्रभाकर कपिल शर्मा का शो 'द कपिल शर्मा शो' छोड़कर गए हैं, तब से कपिल शर्मा पर दर्शकों को हंसाने की जिम्मेदारी आ गई है । आपको बता दें कि सुनील के जाने के बाद शो की टीआरपी में जबरदस्त गिरावट देखी गई है जिसके चलते सोनी चैनल ने कपिल को दो महीने का वक्त दिया है टीआरपी में सुधार लाने के लिए, नहीं तो उनका शो बंद करना पड़ेगा । इसलिए अब कपिल शर्मा अपना शो बचाने के लिए जी-तोड़ कोशिश करने में लगे हुए और इसमें उनका साथ दे रहे हैं नवजोत सिंह सिद्धू ।

परिवारिक कॉमेडी के लिए जाने जाने वाले कपिल शर्मा अब अपने शो को बचाने के लिए अश्लील जोक्स और डबल मीनिंग जोक्स का सहारा ले रहे हैं और इसमें उनका साथ दे रहे हैं नवजोत सिंह सिद्धू । और ये देखने को मिला, जब हाल ही में प्रासित हुए कपिल के शो के उस एपिसोड में जिसमें परिणीति चोपड़ा और आयुष्मान खुराना अपनी आगामी फिल्म मेरी प्यारी बिंदू को प्रमोट करने पहुंचे थे । पूरे शो के दौरान कपिल और सिद्धू ने जमकर डबल मीनिंग जोक्स का इस्तेमाल किया ।

8 अप्रैल को प्रसारित हुए एपिसोड के एक स्लॉट में सिद्धू कपिल से कह रहे हैं, "हां तो शादी करा ले, 40 के बाद सेल खत्म हो जाते हैं ।" जवाब में कपिल ने कहा, "हमारा क्या सेल वाला सिस्टम नहीं है, हम जनरेटर पर हैं ।"

इसके बाद जब कपिल ने परिणीति से तमिल में बात करने के लिए कहा तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें तमिल नहीं आती । इस दौरान परिणीति ने ऑडियंस से पूछा कि क्या उनमें से कोई तमिल जानता है । इस बीच सिद्धू ने वहां के फोटोग्राफर दास दादा का नाम सुझाया । जब दास परिणीति और कपिल से बात कर रहे थे, तभी सिद्धू ने बीच में टोका और बोले, "एक बात तय है कि इनके सेल खत्म हो गए हैं ।" तो आयुष्मान पूछ बैठे कि उन्हें कैसे पता? जवाब में सिद्धू ने एक डबल मीनिंग और वल्गर फनी किस्सा सुनाया । उन्होंने कहा, "हमारे यहां एक एमपी हैं, उनका मैं नाम नहीं लूंगा । वो बहुत मोटे थे । एक दिन पैंट पहनकर आ गए । बाथरूम करके वापस लौटे तो मैंने कहा पाजी, आपका पोस्टऑफिस खुला है । कहने

लगे- काका, जिन तिजोरियों के खजाने लुट जाते हैं, उनमें ताले नहीं लगाते ।"

आपको बता दें कि क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ पंजाब में अश्लील जोक्स सुनाने को लेकर केस भी दर्ज हुआ है । पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के वकील एचसी अरोड़ा ने यह शिकायत दर्ज कराई है । शिकायत पत्र में लिखा गया है, यह इंडियन पैनल कोड 1860 के कई प्रोविजन्स के साथ-साथ इनफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (आईटी) एक्ट का उलंघन है । बता दें कि इस मामले की सुनवाई 11 मई को होगी ।