दुनियाभर में चर्चित पनामा पेपर्स मामले में बच्चन परिवार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं । पनामा पेपर्स मामले में अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन को प्रवर्तन निदेशालय, ED ने पूछताछ के लिए समन भेजा । समन मिलने के बाद ऐश्वर्या राय बच्चन ईडी के दिल्ली दफ्तर में पूछताछ में शामिल होने पहुंचीं । एजेंसी ने फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट ऐक्ट के तहत ऐश्वर्या का बयान दर्ज किया है । बता दें कि इस मामले में हाल ही में ईडी ने अभिषेक बच्चन को भी समन किया था ।

पनामा पेपर्स मामले में ED से तीसरी बार समन मिलने के बाद ऐश्वर्या राय बच्चन पहुंची ED दफ़्तर, टैक्स की हेराफेरी से जुड़ा मामला

ऐश्वर्या राय बच्चन से पूछताछ

ऐश्वर्या को इससे पहले भी दो बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन दोनों ही बार उन्होंने नोटिस को स्थगित करने की गुजारिश की थी । ये गुजारिश पनामा पेपर्स लीक की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम के समक्ष की गई थी ।

एक रिपोर्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन को 4 कंपनियों का डायरेक्टर बनाया गया था। इनमें से तीन बहामास में थीं, जबकि एक वर्जिन आइलैंड्स में थी। इन्हें 1993 में बनाया गया। इन कंपनियों की कैपिटल 5 हजार से 50 हजार डॉलर के बीच थी, लेकिन ये कंपनियां उन शिप्स का कारोबार कर रही थीं, जिनकी कीमत करोड़ों में थी।

ये है ऐश से जुड़ा मामला

ऐश्वर्या को पहले एक कंपनी का डायरेक्टर बनाया गया था। बाद में उन्हें कंपनी का शेयर होल्डर डिक्लेयर कर दिया गया। कंपनी का नाम अमिक पार्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड था। इसका हेडक्वार्टर वर्जिन आइलैंड्स में था। ऐश्वर्या के अलावा पिता के. राय, मां वृंदा राय और भाई आदित्य राय भी कंपनी में उनके पार्टनर थे। यह कंपनी 2005 में बनाई गई। तीन साल बाद, यानी 2008, में कंपनी बंद हो गई थी।

पनामा मामला क्या है- टैक्स हैवन कहे जाने वाले देश पनामा की एक लॉ फर्म मोसेक फोंसेका का 40 साल का डेटा 3 अप्रैल, 2016 को लीक हो गया था । इसमें खुलासा हुआ कि कैसे दुनियाभर के अमीर और प्रभावशाली लोग टैक्स बचाने के लिए पैसा ऑफ-शोर कंपनियों में लगा रहे हैं । इस तरह से बड़े तौर पर टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग तक हो रही थी । इन दस्तावेजों में  फिल्मी सितारों और उद्योगपतियों सहित 500 लोगों के नाम शामिल हैं और इनमें बच्चन परिवार का भी नाम आया था ।

दरअसल पनामा पेपर्स मामले की लंबे समय से जांच चल रही है । पनामा पेपर्स मामले में भारत के करीब 500 लोगों के शामिल होने की बात सामने आई थी । इनमें नेता, अभिनेता, खिलाड़ी, बिजनेसमैन हर वर्ग के प्रमुख लोगों के नाम शामिल हैं । इन लोगों पर टैक्स की हेराफेरी का आरोप है जिसको लेकर टैक्स अथॉरिटी जांच में जुटी हैं।