बॉलीवुड और टेलीविजन के जाने-माने एक्टर-प्रोड्यूसर और डायरेक्टर धीरज कुमार का 15 जुलाई को सुबह 11:40 बजे 80 साल की उम्र में निधन हो गया है । धीरज कुमार एक्यूट निमोनिया से पीड़ित थे । मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका । धीरज कुमार बीती रात से ही वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे तब उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही थी ।

ओम नमः शिवाय शो के निर्माता और दिग्गज एक्टर-डायरेक्टर-प्रोड्यूसर धीरज कुमार का 80 साल की उम्र में निधन

धीरज कुमार का निधन

धीरज कुमार के परिवार के मुताबिक, निमोनिया के कारण उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था । हॉस्पिटल में उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था । उम्मीद थी कि वो ठीक होकर घर वापस लौट आएंगे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ । धीरज कुमार के परिवार ने इस मुश्किल वक्त में उनकी प्राइवेसी का ध्यान रखने की प्रार्थना की है ।

गौरतलब है कि अस्पताल में भर्ती होने से कुछ दिन पहले ही धीरज कुमार नवी मुंबई स्थित इस्कॉन मंदिर के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे। वहां उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा था- “मैं यहां विनम्रता के भाव से आया हूं। जबकि उन्होंने मुझे VVIP कहा, लेकिन मेरा मानना है कि असली VVIP भगवान हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस्कॉन मंदिर की भव्यता और महत्व के बारे में बात की, और उनके शब्द हमेशा प्रेरणादायक होते हैं”।

धीरज कुमार को धीरज कोचर के नाम से भी जाना जाता है। 1960 के दशक में एक जानी-मानी पत्रिका की तरफ़ से आयोजित एक टैलेंट हंट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद धीरज कुमार ने अभिनय की दुनिया में क़दम रखा था । उन्होंने 'उधार का सिंदूर', 'सरगम', 'रोटी कपड़ा और मकान', 'स्वामी', 'रातों का राजा', 'हीरा पन्ना', 'क्रांति, 'मांग भरो सजना', 'पुराना मंदिर, 'कर्म युद्ध' और 'बहुरूपिया' जैसी तमाम फ़िल्मों में काम किया.

धीरज कुमार ने हिंदी फ़िल्मों में काम करने से पहले 20 से ज़्यादा पंजाबी फ़िल्मों में भी काम किया था । साल 1986 में धीरज कुमार ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी 'क्रिएटिव आई' की स्थापना की. इस प्रोडक्शन में कई फ़िल्मों के अलावा लोकप्रिय पौराणिक धारावाहिक भी बने थे ।