भारतीय लेखक-निर्देशक सुदीप्तो सेन, जो अपनी बेबाक कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाते हैं, 75वें बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (EFM 2025) में अपनी नई फ़िल्म चरक (Fair of Faith) के साथ तहलका मचाने के लिए तैयार हैं। यह फ़िल्म उनके प्रोडक्शन हाउस Sipping Tea Cinemas के बैनर तले बनी है और इसमें अंधविश्वास, तांत्रिक क्रियाओं और आस्था से जुड़ी कट्टरता को केंद्र में रखा गया है।

सुदीप्तो सेन की डेब्यू प्रोडक्शन फ़िल्म चरक 75वें बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025 में लेगी एंट्री

सुदीप्तो सेन की पहली फ़िल्म प्रोडक्शन फ़िल्म चरक

सुदीप्तो सेन को उनकी विवादित लेकिन व्यावसायिक रूप से सफल फिल्म ‘The Kerala Story’ (2023) से भारी लोकप्रियता मिली थी, जिसने बॉक्स ऑफिस पर 35 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 290 करोड़ रुपये) का कारोबार किया था। अब चरक के जरिए वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई पहचान बनाने जा रहे हैं।

भारतीय आस्था और तांत्रिक परंपराओं की गहरी पड़ताल

यह फ़िल्म भारत के चरक मेला की पृष्ठभूमि में आधारित है, जो हर साल भगवान शिव और देवी काली की आराधना में मनाया जाता है। यह कहानी भारतीय मीडिया में सामने आई वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और इसमें धर्म, रीति-रिवाजों और मानवीय चरम सीमाओं के टकराव को दर्शाया गया है। चरक उन रहस्यमयी परंपराओं, बलिदानों और गूढ़ धार्मिक प्रथाओं को उजागर करती है, जो अब भी समाज के कुछ हिस्सों में प्रचलित हैं।

बर्लिन EFM में वैश्विक शुरुआत

बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (EFM) में अपनी वैश्विक शुरुआत के साथ, चरक न केवल सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनेगी बल्कि इस फिल्म के गहरे और साहसिक विषय भी नई बहसों को जन्म देंगे। सेन की पिछली फिल्मों की तरह, यह फिल्म भी सशक्त कथानक और प्रभावशाली विषयों के कारण अंतरराष्ट्रीय फिल्म सर्किट में सबसे बहुप्रतीक्षित भारतीय फिल्मों में से एक बन गई है।