
इस साल की शुरूआत में, देशभर में माल और सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया गया था । कुछ लोगों ने सरकार के इस कदम का तहेदिल से स्वागत किया तो कुछ को यह रास नहीं आया । वहीं दूसरी तरफ़, भारतीय फिल्म उद्योग भी जीएसटी की दर, जिसे फिल्म और सिनेमा टिकटों पर लागू किया गया है, से नाखुश सा लगा । इतना ही नहीं, फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी से इस बारें में संपर्क भी किया था ।
और अब हमने सुना है कि ईरानी ने भी फिल्म उद्योग की राय से इत्तेफ़ाक रखते हुए फ़िल्म्स और सिनेमा पर से जीएसटी दर को कम करने की याचिका के बारें में सोचने का फ़ैसला किया । वास्तव में, फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की सुनवाई के बाद, स्मृति ईरानी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली को तुरंत एक पत्र लिखा, जिसमें यह गौर करवाया गया वर्तमान कर शासन सिनेमा निर्माण और प्रदर्शनी क्षेत्रों में और निवेश को कैसे नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा । अपने पत्र के अलावा, ईरानी ने जेटली से अगली जीएसटी परिषद की बैठक में मनोरंजन उद्योग को लेकर आने वाले मुद्दों की जांच के लिए भी कहा ।
















