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फ़िल्म निर्माता रोनी स्क्रूवाला की फ़ाउंडेशन स्वदेश एक बहुत बड़े घोटाले की शिकार बनी जब  धोखे भरे ईमेल के माध्यम से एनजीओ के अकाउंट से 34 लाख रु लूट लिए गए । साइबर क्राइम डिवीजन इस मामले की जांच कर रही है और शहर भर में इससे जुड़ी गिरफ़्तारियां कर रही है ।

स्वदेश के शीर्ष वित्तीय अधिकारियों में से एक, ये एनजीओ रोनी स्क्रूवाला और उनकी पत्नी ज़रीन चलाती है । इस एनजीओ को 5 जुलाई को रोनी स्क्रूवाला के नाम से कुछ मेल आए थे , तो सबसे पहले उसने एनजीओ से उनके अकाउंट बैलेंस के बारें में जानकारी मांगी और फ़िर 20 लाख रु ट्रांसफ़र करने के लिए कहा । और फ़िर ऐसा ही कुछ दिन बाद फ़िर घटित हुआ, इस बार 14.16  लाख रु किसी दूसरे अकाउंट में ट्रांसफ़र करने के लिए कहा । स्वदेश के अधिकारी ने सभी निर्देश बहुत ही आज्ञाकारी ढंग से मान लिए ।  एक बार फ़िर अकाउंट बैलेंस के बारें में पूछने के लिए  मेल आया, तब उसने इस मुद्दे पर रोनी से संपर्क किया । तब उन्हें पता चला कि ये सब ईमेल झूठे थे और तब उन्होंने तुरंत एक्शन लिया और साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया और सारी आपबीती सुनाई ।

हाल की जांच में पता चला है कि ये अकाउंट किसी केतन कनौजिया का था साथ ही ये भी पता चला कि अविनाश मिश्रा और संदीप सिंह के नाम पर बनाए गए फ़र्जी अकाउंट का लाभार्थी भी केतन है । दूसरा नाम जो इस धोखेबाजी में शामिल है वो है अविनाश मिश्रा का, जिसका अकाउंट इस धोखे में शामिल था और जिसका लाभार्थी विशाल जायसवाल था । वैसे केतन और विशाल गिरफ़्तार किए जा चुके हैं ।  वहीं जिगर शाह के भी इस धोखे की लूट में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है । साइबर टीम का कदम वाकई सराहनीय है , रोनी ने कहा है कि वह इस लूट से फ़िलहाल 22 लाख रु जब्त कर चुके हैं । वहीं दूसरी तरफ़ पुलिस का दावा है कि ऐसे धोखेबाजों की काफ़ी गहरी सांठगांठ थी ,जो झूठे ईमेल द्दारा बड़े-बड़े कारोबारियों को लूटते हैं , उसका अब भंडाफ़ोड़ हो चुका है ।