लोकसभा चुनाव 2024 में हिमाचल में मंडी से नवनिर्वाचित बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को थप्पड़ मारने की खबर सामने आ रही है । कंगना रनौत के साथ ये हादसा चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हुआ है जब वह सिक्योरिटी चेक इन के बाद बोर्डिंग के लिए जा रही थी उसी दौरान, एलसीटी कुलविंदर कौर (CISF यूनिट चंडीगढ़ एयरपोर्ट ) ने उन्हें थप्पड़ मारा । हालांकि इसके बाद आरोपी CISF की जवान को हिरासत में लिया गया है । हालांकि इस हादसे के बाद कंगना रनौत के एक वीडियो शेयर कर इस पूरे मामले पर अपना रिएक्शन दिया है ।

कंगना रनौत को एयरपोर्ट पर  CISF की जवान ने मारा थप्पड़ ; किसान आंदोलन पर दिए गए बयान से थी आहत ; कंगना ने वीडियो शेयर कर कहा- “उसने साइड से आकर मुझे चेहरे पर हिट किया, लेकिन मुझे चिंता इस बात की है…”

कंगना रनौत को थप्पड़ मारा

कंगना रनौत ने वीडियो जारी कर बताया है कि एयरपोर्ट पर उनके साथ क्या-क्या हुआ । वीडियो में उन्होंने कहा कि, “मेरे पास बहुत सारे फोन कॉल्स आ रहे हैं, मैं आपको बताना चाहूंगी कि मैं फिलहाल सेफ हूं । आज चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मेरे साथ हादसा हो गया । एयरपोर्ट पर एक महिला जवान ने मुझे गालियां देनी शुरू कर दीं। उसने बताया कि वो किसान आंदोलन की सपोर्टर है। उसने साइड से आकर मुझे चेहरे पर हिट कर दिया । मैं तो सुरक्षित हूं, लेकिन मेरी चिंता पंजाब में बढ़ रहे उग्रवाद और आतंकवाद को लेकर है। इसे कैसे भी करके हैंडल करना पड़ेगा ।”

ये घटना गुरुवार दोपहर साढ़े 3 बजे की है । कंगना रनोट एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक से निकल रही थीं, तभी महिला जवान के साथ उनकी बहस हो गई। इस पूरे मामले में कुलविंदर का बयान सामने आ चुका है, वो कंगना के किसान आंदोलन पर दिए गए बयान से आहत थी । कंगना ने मामले की शिकायत कर महिला जवान को नौकरी से हटाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

बता दें कि, कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान कई बयान दिए थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर आंदोलनकारियों की तुलना खालिस्तानी आतंकियों से की थी। उन्होंने लिखा था- “खालिस्तानी आतंकवादी आज सरकार पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन हमें एक महिला को नहीं भूलना चाहिए। इंदिरा गांधी ने इन्हें अपनी जूती के नीचे कुचल दिया था। भले उन्होंने इस देश को कितनी भी पीड़ा दी हो, लेकिन उन्होंने अपनी जान की कीमत पर इन्हें मच्छरों की तरह कुचल दिया, लेकिन देश के टुकड़े नहीं होने दिए। उनकी मृत्यु के दशकों बाद भी आज भी उनके नाम से कांपते हैं, इनको वैसा ही गुरू चाहिए।”