
गायक-अभिनेत्री-गृहिणी सुचित्रा कृष्णमूर्ति को इस बात की जरा भी जानकारी नहीं थी कि अजान में इस्तेमाल होने वाले लाउडस्पीकर को परेशानी बता कर वह किस मुश्किल में फ़ंस जाएंगी । अजान को लेकर तीखी टिप्पणी करने के बाद, वह लोगों के गुस्से का शिकार हुईं और इतना ही नहीं उन्हें शारीरिक रूप से भी प्रताड़ित करने के खतरे की संभावना भी उठ गई ।
धार्मिक सम्मेलन में उन्होंने हेल्थी बहस कर उन्होंने इस मुद्दे को शांत कर दिया । उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मामला है जिसे एक सौहार्दपूर्ण संकल्प के लिए एक दृष्टिकोण के साथ खुले तौर पर चर्चा करनी चाहिए । चाहे अजान हो या भजन, लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाना चाहिए और कानूनी समय-सीमा का पालन किया जाना चाहिए ।"
सुचित्रा का मानना है कि धर्म को वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है । "सभी धर्मों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाना चाहिए और आस्था किसी दूसरे पर आक्रामक रूप से नहीं लगाई जानी चाहिए । अपमान की राजनीति समाप्त होनी चाहिए ।"
अपने इस बयान से पैदा होने वाले खतरे के बारें में, सुचित्रा कम से कम भयभीत नहीं है । "मुझे इसकी आदत है । जब मैंने एक ब्लॉग लिखा था तो मुझे इससे भी बदतर हालात का सामना करना पड़ा क्योंकि मैं, सीता के साथ जिस तरह से व्यवहार किया था, उसके कारण मैं राम को मेरे भगवान के रूप में स्वीकार करने से इंकार करती हूं । उस समय उन्होंने मुझे दाऊद की रखैल कहा और मुझे पाकिस्तान जाने के लिए कहा । इस बार मुझे देर रात घर आने के लिए, एक भक्त और एक सांगी और एक धंधे वाली कहा जा रहा है ।"
जब भी महिलाएं समाज की कमी के खिलाफ़ कुछ भी बोलती हैं तब-तब उन्हें समाज के गुस्से का शिकार होना पड़ता है । समाज में अब भी महिलाओं की लगातार बुरी हालत पर अफ़सोस जताते हुए सुचित्रा ने कहा कि, "यह बहुत दुख की बात है कि जब भी महिला कुछ कहने की कोशिश करती है, उस पर सेक्सुअली हमला बोल दिया जाता है । यह बहुत हास्यपद है, और मेरे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए… मूर्खतापूर्ण है ।”
















