ऑस्कर विजेता भारतीय प्रोडक्शन हाउस सिख्या एंटरटेनमेंट अब तमिल सिनेमा के मशहूर फिल्ममेकर कार्तिक सुब्बुराज के साथ एक नई फीचर फिल्म पर काम करने जा रहा है। यह फिल्म आज मदुरै में पारंपरिक पूजा के साथ शूटिंग शुरू कर चुकी है। गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन द्वारा संचालित सिख्या एंटरटेनमेंट अब तक कई यादगार और अवॉर्ड-विनिंग कहानियां दर्शकों तक पहुंचा चुकी है। द एलीफेंट व्हिस्परर्स जो भारत की पहली ऑस्कर जीतने वाली डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म है - के अलावा द लंचबॉक्स, मसान, पगलैट और हाल ही में नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली कथल जैसी फिल्मों से सिख्या ने एक ऐसी पहचान बनाई है जो भारतीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाती है और नए, बेबाक कलाकारों को आगे बढ़ाती है।

गुनीत मोंगा कपूर ने डायरेक्टर कार्तिक सुब्बुराज के साथ शुरू की तमिल फिल्म की शूटिंग

गुनीत मोंगा कपूर बनाएंगी तमिल फिल्म

कार्तिक सुब्बुराज, जिन्हें आज के दौर के सबसे रचनात्मक भारतीय निर्देशकों में गिना जाता है, यह उनकी 10वीं फीचर फिल्म होगी। पिछले दशक में उन्होंने पिज़्ज़ा, जिगरथंडा, पेट्टा, इरैवी, मर्करी, जगमे थंथीरम, महान, जिगरथंडा डबल एक्स और रेट्रो जैसी फिल्मों से अपने अनोखे निर्देशन का लोहा मनवाया है।

इस सहयोग पर बात करते हुए गुनीत मोंगा कपूर ने कहा, “सिख्या में हमारा हमेशा से मानना रहा है कि असली और साहसी कहानियों को आगे लाया जाए, जो दुनिया भर के दर्शकों से जुड़ सकें। कार्तिक के साथ काम करना इस सोच का स्वाभाविक विस्तार है। उनकी फिल्में जमीनी, कल्पनाशील और बेहद मौलिक हैं और फिर भी उनमें भावनाओं की सार्वभौमिकता है। वह मास अपील और आर्टिस्टिक दृष्टिकोण का शानदार मेल हैं, और मैं उनके साथ इस सफर को लेकर बेहद उत्साहित हूं।”

निर्देशक कार्तिक सुब्बुराज ने कहा, “मैं हमेशा से सिख्या की फिल्मों की बहुत इज़्ज़त करता हूं, क्योंकि वे उसी कला दृष्टि का प्रतिनिधित्व करती हैं जिसे मैं अपनी फिल्मों में हासिल करना चाहता हूं। गुनीत और अचिन जैसे प्रोड्यूसर्स के साथ काम करना, जिन्होंने अर्थपूर्ण और अवॉर्ड-विनिंग सिनेमा बनाया है, मेरे लिए बहुत खास है। जो कहानी हम बना रहे हैं, वह मेरे दिल के बहुत करीब है और मुझे खुशी है कि मुझे इसके लिए सही साथी मिले हैं। यह सहयोग मेरे लिए बेहद रोमांचक है।”

अचिन जैन, प्रोड्यूसर, सिख्या एंटरटेनमेंट ने कहा, “कार्तिक अपने काम में एक अद्भुत संतुलन लाते हैं उनका सिनेमा कलात्मक भी है और दर्शकों से जुड़ा हुआ भी। उनकी फिल्में अप्रत्याशित होती हैं, लेकिन गहरी भावनाओं से भरी होती हैं। हमें ऐसे फिल्ममेकर के साथ काम करने की खुशी है जो दर्शकों की पसंद और कहानी की आत्मा, दोनों को समझता है। यह साझेदारी सिख्या के उस उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, जिसमें जड़ें भारतीय कहानियों में हैं, लेकिन उनकी अभिव्यक्ति एक वैश्विक सिनेमा भाषा में होती है।”