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भारतीय प्रतीक के उपयोग पर आमिर खान सहित टीवी रियलिटी शो सत्यमेव जयते के निर्माताओं के खिलाफ अधूरे लटके मामला आखिरकार अब एक निष्कर्ष तक पहुँच गया है । सत्यमेव जयते शीर्षक, जो हमारे प्रतीक के लिए एक आदर्श वाक्य है, के रूप में प्रयोग करने के लिए टीवी रियलिटी शो के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी उसे अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है ।

पहले हमने आपको बताया था कि , मनोरंजन रॉय ने आमिर खान (जो इस कार्यक्रम के निर्माता भी हैं ) और ब्रॉडकास्टिंग चैनल स्टार इंडिया के खिलाफ़ सत्यमेव जयते , जो धारा 3 और 4 के तहत प्रतीक और नामों में हमारे प्रतीकचिन्ह का आदर्श वाक्य है (अनुचित प्रयोग निवारण) , शब्द इस्तेमाल करने के खिलाफ़ एक याचिका दायर की थी । हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने अब इस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया गया है और जस्टिस अभय ओका और जस्टिस ए.ए. सैयद की पीठ ने याचिका को ये कहते हुए कि, देश के आदर्श वाक्य का उपयोग करना अधिनियम के तहत उल्लंघन नहीं है, खारिज कर दिया है । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के शीर्षक में न तो प्रतीकचिन्ह की नकल की गई है और न ही और न ही इसकी संपूर्णता में इस्तेमाल किया है , अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह (गृह मंत्रालय और प्रसारण मंत्री मंत्रालय) ने आगे स्पष्ट करते हुए कहा कि कार्यक्रम ने केवल आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते का इस्तेमाल किया है न कि प्रतीकचिन्हों का ।

आमिर खान का चैट शो सत्यमेव जयते ने अपने पहले ही सीजन में लोकप्रियता हासिल कर ली थी क्योंकि यह कार्यक्रम देश में व्याप्त कई कलंकित सामाजिक मुद्दों को उठाता है और उसका निराकरण भी करता है , साथ ही नागरिकों के बारें में कई प्रेरणादायक कहानियां भी दिखाता है जो देश के विकास की दिशा में काम कर रहे हैं ।