
तमाम अटकलों और आरोपों के बाद, माननीय मुंबई हाई कोर्ट ने कल निर्देशक आशुतोष गोवारीकर के पक्ष में फैसला सुनाया जिससे उन्हें काफ़ी राहत मिली है । आकाशादित्य लामा द्दारा दायर की गई एक याचिका, जिसमें फ़िल्ममेकर आशुतोष गोवारिकर पर आगामी फ़िल्म मोहेंजो दारो के लिए उनकी स्क्रिप्ट चुराने का आरोप लगाया गया था, को मुंबई हाई कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया है । माननीय न्यायमूर्ति जी एस पटेल ने मोहेंजो दारो की रिलीज के खिलाफ निषेधाज्ञा याचिका को खारिज कर दिया और लामा के खिलाफ़ अनुकरणीय और दंडात्मक लागत 1,50,000 रु का आदेश सुनाया ।
न्यायमूर्ति पटेल ने गोवारिकर के साथ-साथ यूटीवी और ह्रितिक रोशन को झूठे दावे और आधारहीन आरोपों के साथ विभिन्न रूपों से परेशान करने के लिए लामा की खिंचाई की । न्यायमूर्ति पटेल ने कहा कि लामा फ़िल्म की रिलीज को रोकने और फ़िल्ममेकर को परेशान करने और ब्लैकमेल करने में असमर्थ रहा है ।
आशुतोष ने अपनी आगामी फ़िल्म मोहेंजो दारो के लिए अपने स्तर पर बहुत मेहनत की है । आशुतोष ने पुरातत्वविदों से संपर्क कर मोहनजोदड़ो सभ्यता के इतिहास को व्यक्तिगत रूप से जाना । इतना ही नहीं उन्होंने, मोहनजोदड़ो के पुरातात्विक स्थल पर ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों के 6 लोगों की टीम को आमंत्रित किया ताकि वो मोहनजोदड़ो के इतिहास को भलीभांति समझ सके और विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर उनके उनके सिद्धांतों और राय पर अपनी कहानी और स्क्रिप्ट बना सके । प्रेस और मीडिया लेख, यूट्यूब इंटरव्यू और सोशल मीडिया में गोवारीकर के खिलाफ लामा द्वारा जारी किए गए आरोपों पर न्यायाधीश ने दृढ़ता से लामा की कड़ी आलोचना की । साथ ही कहा कि आशुतोष गोवारिकर, जो एक ख्याति प्राप्त फ़िल्ममेकर हैं, उनके ऊपर ऐसे आरोप लगाने की कड़ी निंदा की ।
गोवारिकर के प्रवक्ता ने इस फैसले की पुष्टि की और कहा, आशुतोष को बजाए इस मुद्दे पर कुछ बोलने के कानूनी व्यवस्था में विश्वास था । वह इस फिल्म को प्रमोट करने में तल्लीन हैं और मुझे यकीन है कि वह ऐसा करना जारी रखेंगे । हर कोई 12 अगस्त और लोकार्नो अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव। की तैयारियों में जुटा हुआ है क्योकि इस दिन फ़िल्म मोहेंजो दारो रोलीज होगी ।
















