/00:00 00:00

Listen to the Amazon Alexa summary of the article here

भूल भुलैया 2 एक बुरी आत्मा की कहानी है । 18 साल पहले राजस्थान के भवानीगढ़ में एक परिवार को मंजुलिका की आत्मा परेशान कर रही है । एक तांत्रिक बाबा (गोविंद नामदेव) मंजुलिका को हवेली के एक कमरे में फंसा लेता है । इसके बाद वह कमरे को सील कर देता है । उसी परिवार से रीत (कियारा आडवाणी) पढ़ाई के लिए अपने परिवार से दूर रहती है । जब वह रूहान (कार्तिक आर्यन) से मिलती है तो वह जबरन शादी करने के लिए भवानीगढ़ लौट रही है । बस से यात्रा करते समय दोनों के बीच बॉन्डिंग हो जाती है । रूहान के आग्रह पर, वह बस से निकल जाती है और एक संगीत समारोह में भाग लेती है । इसी दौरान बस खाई में गिर जाती है, जिससे उसमें सवार सभी लोगों की मौत हो जाती है । इसलिए रीत को मृत मान लिया जाता है । उसी समय, रीत को पता चलता है कि सागर, उसका पति, रीत की बहन त्रिशा से प्यार करता है । इसलिए, रीत अपने परिवार को यह नहीं बताने का फैसला करती है कि वह जीवित है, उम्मीद है कि इससे सागर और त्रिशा की बहन की शादी में मदद मिलेगी । रीत रूहान से मदद मांगती है । दोनों भवानीगढ़ जाते हैं और हवेली में शरण लेते हैं, जहाँ मंजुलिका फंसी हुई है, क्योंकि हवेली को छोड़ दिया गया है । हालाँकि, छोटा पंडित (राजपाल यादव) देखता है कि हवेली में लाइटें बंद हैं । वह रीत के परिवार को इसकी जानकारी देता है । वे सभी हवेली में उतरते हैं । रीत छिप जाती है और रूहान उनका सामना करता है । रूहान दिखावा करता है कि वह मृतकों के साथ संवाद कर सकता है । उसका दावा है कि वह रीत के संपर्क में है और वह चाहती है कि परिवार हवेली में शिफ्ट हो जाए । वह आगे दावा करता है कि रीत सागर और तृषा की शादी देखना चाहती है । जल्द ही, यह खबर फैल जाती है कि रूहान मरे हुए लोगों से बात करने में माहिर है । उसका नाम रूह बाबा रख दिया जाता है । सब ठीक चल रहा है । हालाँकि, एक दिन, मंजुलिका की आत्मा हवेली के कमरे से निकल जाती है, इसके बाद आगे क्या होता है, इसके लिए पूरी फ़िल्म देखनी होगी ।

Bhool Bhulaiyaa 2 Movie Review: कार्तिक आर्यन की शानदार एक्टिंग के साथ हॉरर और कॉमेडी का परफ़ेक्ट कॉम्बो है भूल भूलैया 2

आकाश कौशिक की कहानी बेहतरीन और अपरंपरागत है । यह बड़े करीने से हॉरर और कॉमिक के पोर्शन को शामिल करता है । आकाश कौशिक की पटकथा कहानी के साथ पूरा न्याय करती है । लेखक कथा को कुछ बहुत ही प्रभावशाली क्षणों के साथ जोड़ते हैं जो रुचि को बनाए रखते हैं। पात्र भी काफी मजेदार हैं, और इससे मदद मिलती है । फरहाद सामजी और आकाश कौशिक के डायलॉग (स्पर्श खेत्रपाल और ताशा भाम्ब्रा के अतिरिक्त संवाद) हास्य को बढ़ाते हैं ।

अनीस बज्मी का निर्देशन शानदार है । उनके हाथ में एक चुनौतीपूर्ण काम था क्योंकि फ़र्स्ट हाफ़ की कल्ट फ़ैन फ़ोलोइंग है । हालांकि, वह अपने निर्देशन से फ़िल्म को बेहतर बनाने में कामयाब होते है । कहानी थोड़ी दिमागरहित है लेकिन वह इसे इतने सही तरीके से हैंडल करते हैं कि फ़िल्म में जान डाल देते है, ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने अपनी पिछली यादगार फिल्मों जैसे नो एंट्री [2005], वेलकम [2007] आदि का निर्देशन किया था । वह अपनी कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं और इस संबंध में, वह जरा भी निराश नहीं करते हैं । हॉरर के मामले में, वह बहुत अच्छा काम करते है । दूसरी तरफ, सेकेंड हाफ की शुरुआत में फिल्म फ़िसल जाती है । शुक्र है कि क्लाइमेक्स में फिल्म फ़िर रफ़्तार पकड़ती है ।

भूल भुलैया 2 की शुरुआत धमाकेदार तरीके से होती है । रुहान और रीत की एंट्री मनोरंजक है । रीत जिस तरह से अपनी मौत को नकली बनाने का फैसला करती है, वह थोड़ा समझ के परे लगता है लेकिन अच्छी तरह से काम करता है । रीत के परिवार के साथ रूहान की पहली मुलाकात काफी यादगार है । रूहान कैसे रूह बाबा में बदल जाता है यह मजेदार है । मंजुलिका की फ्लैशबैक कहानी फ़र्स्ट हाफ में दिखाई गई है जो हैरान करने वाली है । आमतौर पर ऐसे ट्रैक को सेकेंड हाफ में प्रमुखता दी जाती है । इंटरवल पॉइंट और फ्लैशबैक पर सस्पेंस कमाल का है । इंटरवल के बाद फिल्म की रफ्तार धीमी हो जाती है । फिनाले में एक और अप्रत्याशित मोड़ है ।

परफॉर्मेंस की बात करें तो कार्तिक आर्यन बेहतरीन फॉर्म में हैं । हास्य को चित्रित करने का उनका अपना तरीका है और यह अच्छी तरह से काम करता है । कियारा आडवाणी स्टनिंग दिखती हैं और बहुत ही उम्दा प्रदर्शन करती हैं । वह अपने किरदार के साथ पूरा न्याय करती है । तब्बू एक सरप्राइज पैकेज है और अपने करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में से एक करती है। राजेश शर्मा एक छाप छोड़ते हैं और इसी तरह समर्थ चौहान (पोटलू, बच्चा) । राजपाल यादव और संजय मिश्रा मजाकिया लगते हैं । अश्विनी कालसेकर ठीक हैं । अमर उपाध्याय और मिलिंद गुनाजी कुछ खास नहीं हैं । गोविंद नामदेव को सीमित दायरा मिलता है । सागर और रीत का किरदार निभाने वाले कलाकार अच्छे हैं ।

संगीत विनित है । टाइटल ट्रैक आकर्षक है । 'अमी जे तोमर' में भूतिया अहसास है । 'दे ताली' और 'हम नशे में' ठीक है । संदीप शिरोडकर का बैकग्राउंड म्यूजिक बहुत अच्छा है ।

मनु आनंद की सिनेमैटोग्राफी शानदार है । रजत पोद्दार का प्रोडक्शन डिज़ाइन बहुत समृद्ध है और हॉरर को बढ़ाता है । कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी के लिए अकी नरूला का कॉस्ट्यूम) बेहद ग्लैमरस है । तब्बू के लिए रिंपल और हरप्रीत नरूला की वेशभूषा भी काबिले तारीफ है । बाकी के लिए अंकिता पटेल का कॉस्ट्यूम ठीक है ।

मनोहर वर्मा का एक्शन खून खराबे से रहित है । मंदार कुलकर्णी का साउंड डिज़ाइन प्रभाव को बढ़ाता है । आफ़्टर स्टूडियोज का वीएफएक्स टॉप क्लास है । बंटी नागी का संपादन उपयुक्त है ।

कुल मिलाकर, भूल भुलैया 2 पूरी तरह से एंटरटेनर फ़िल्म है और हॉरर और कॉमेडी के शानदार कॉम्बो के कारण अच्छा काम करती है । बॉक्स ऑफिस पर, यह बेहतरीन परफ़ोर्म करेगी और सुपरहिट साबित होगी । इसके अलावा यह कार्तिक आर्यन की दूसरी 100 करोड़ कमाने वाली फ़िल्म बनेगी । इसे जरूर देखिए ।