पीरियड एक्शन ड्रामा फ़िल्म पद्मावत काफ़ी समय से परेशानी से घिरी हुई है । राजपूत इतिहास के साथ छेड़छाड़ के मुद्दे को लेकर इस फ़िल्म को कई सगंठनों के गुस्से का शिकार होना पड़ा है । फ़िल्ममेकर्स ने कै मर्तबा अपनी सफ़ाई दी और स्पष्ट किया कि उनकी फ़िल्म में ऐसा कुछ नहीं है जिसका विरोध किया जाए और उन्होंने किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया है लेकिन इसके बावजूद विरोध जारी रहे । इसलिए फ़िल्म की रिलीज डेट 1 दिसंबर से 25, जनवरी स्थगित कर दी लेकिन फ़िर भी फ़िल्म के लि विरोध जारी रहे । इतने विरोध को देखते हुए गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्यों ने कानून और व्यवस्था की समस्याओं की दुहाई देते हुए अपने-अपने राज्यों में फ़िल्म की रिलीज पर रोक लगा दी ।

मामले को तूल पकड़ता देख फ़िर ये मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचा । और आज सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़िल्म के पक्ष में अपना फ़ैसला सुनाया, जो यकीनन मेकर्स के लिए राहत की सांस लेकर आया । सुप्रीम कोर्ट ने पद्मावत पर प्रतिबंध लगाने वाले चार राज्यों द्वारा जारी अधिसूचना पर रोक लगा दी है । फिल्म निर्माताओं की तरफ से सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने पद्मावत के पक्ष में केस लड़ा और अपना पक्ष रखते हुए कहा कि, यदि राज्य एक फिल्म पर प्रतिबंध लगा रहे हैं, तो यह संघीय ढांचे को नष्ट कर रहे हैं । यह गंभीर मुद्दा है । अगर किसी को कोई समस्या है, तो वह राहत के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनल में अप्रोच कर सकता है । राज्य को किसी फिल्म की सामग्री को छूने का हक नहीं है । उन्होंने केंद्र सरकार से गुजारिश है कि वह राज्य सरकारों को एक बेहतर और प्रभावी कदम और समाधान के लिए निर्देश दे ।

सुप्रीम कोर्ट ने हरीश साल्वे की टिप्पणियों पर ध्यान देते हुए कहा कि, राज्यों में क़ानून व्यवस्था बनाना राज्यों की जिम्मेदारी है । यह राज्यों का संवैधानिक दायित्व है । संविधान की आर्टिकल 21 के तहत लोगों को जीवन जीने और स्वतंत्रता के अधिकार का हनन है । राज्यों की यह भी जिम्मेदारी है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले । चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए. एम. खानविलकर और जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने फिल्म के निर्माता वायकॉम 18 और अन्य के वकील की इस दलील पर विचार किया कि इसका अखिल भारतीय प्रदर्शन 25 जनवरी को होने वाला है

। ऐसी स्थिति में इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता है । राज्यों की यह भी जिम्मेदारी है कि फिल्म देखने जाने वाले लोगों को सुरक्षित माहौल मिले । राहत की खबर ये है कि सुप्रीम कोर्ट ने विवादों में घिरी संजय लीला भंसाली की पद्मावत की रिलीज को हरी झंडी दे दी है । फिल्म ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से एक प्रमाण पत्र प्राप्त किया था, जो फिल्म के पक्ष में भी काम किया था ।

संजय लीला भंसाली द्दारा निर्देशित फ़िल्म पद्मावत में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे । यह फ़िल्म 25 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी ।