/00:00 00:00

Listen to the Amazon Alexa summary of the article here

Review: बड़े स्टार्स, ग्रैंड लेवल पर बनाई गई, एक्शन और मनोरंजन से सजी सूर्यवंशी में देखने लायक बहुत कुछ है, यह एक पैसा वसूल मनोरंजक फ़िल्म है । रेटिंग : 4.5 स्टार्स

इंतजार का फ़ल मीठा होता है !

रोहित शेट्टी ने सूर्यवंशी को खासतौर पर बड़े पर्दे के लिए बनाया था । उन्होंने सिनेमाघरों के फिर से खुलने के लिए करीब दो साल तक धैर्यपूर्वक इंतजार किया, ताकि फिल्म देखने वाले उनकी नई क्रिएशन को बड़े पर्दे पर देख सकें । सूर्यवंशी देखने के बाद, मुझे वास्तव में लगता है कि सूर्यवंशी को सिनेमाघरों में रिलीज करने का निर्णय सबसे उपयुक्त निर्णय था ।

Sooryavanshi Movie Review: पैसा वसूल ब्लॉकबस्टर मनोरंजक फ़िल्म है सूर्यवंशी

बड़ी फिल्में बड़े पर्दे के लिए होती हैं और सूर्यवंशी वास्तव में एक बड़ी मनोरंजक फ़िल्म है जिसका आनंद सिनेमा हॉल में बड़े पर्दे पर लिया जाना चाहिए ।

सूर्यवंशी एक बड़े बजट की फ़िल्म तो है ही साथ ही इसके साथ कई लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुईं हैं । इतने महीने बाद कोई बड़ी फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है इसलिए इसके साथ फ़िल्म इंडस्ट्री और उससे जुडे लोगों की उम्मीदें बंधी हैं । सूर्यवंशी के कंधों पर महामारी के कारण अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही फ़िल्म इंडस्ट्री का मनोबल बढ़ाने का दारोमदार है ।

सूर्यवंशी रोहित शेट्टी की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्मों में से एक है । मनमोहन देसाई की तरह, वह दर्शकों की नब्ज जानते हैं और उनके मनोरंजन के लिए ऐसी फ़िल्म लेकर आते हैं जो दर्शकों को यकीनन पसंद आएगी ही आएगी । वह 2.30 घंटों में सही एलिमेंट्स को पेश करते हैं । यह एक पैसा-वसूल एंटरटेनर है ।

बिना किसी स्पॉइलर के कहानी- सूर्यवंशी एक साहसी पुलिस ऑफ़िसर सूर्यवंशी [अक्षय कुमार] की जिंदगी और उसकी ड्यूटी के इर्द-गिर्द घूमती है । सूर्यवंशी आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड को पकड़ने का फ़ैसला करता है । हालांकि इन सबके बीच वह बाधाओं का सामना करता है, उसकी पत्नी [कैटरीना कैफ] लगभग उसकी जिंदगी से चली जाती है, वह इस लड़ाई में अपने कुछ सहयोगियों को खो देता है, लेकिन वह अपने लक्ष्य से नहीं भटकता ।

कागज पर, सूर्यवंशी की कहानी अनुमान के मुताबिक और मौत के घाट उतारने वाली जैसे लग सकती है, लेकिन इसकी स्क्रीन राइटिंग इसे इन सबके परे ले जाने में जीत जाती है । अधिकांश हिस्सों में स्क्रीनप्ले वास्तव में मनोरंजक है, हालांकि यह फ़र्स्ट हाफ़ में एक अवांछित गीत और अक्षय और कैटरीना पर फिल्माए गए कुछ रोमांटिक दृश्यों के कारण ढीली पड़ जाती है ।

रोहित ने ड्रामा और इमोशंस को खूबसूरती से गूंथा है और इसे एक बेहतरीउन एक्शन फ़िल्म के रूप में पेश किया है । यहां कुछ दृश्यों का उल्लेख करना चाहूंगा...

⭐️ अक्षय का परिचय

⭐️ जैसलमेर में चेज सीक्वंस, जब अक्षय ने अभिमन्यु सिंह को पकड़ा

⭐️ अक्षय का गुलशन ग्रोवर से सामना, फ़िर राजेंद्र गुप्ता से भिड़ना

⭐️ बैंकॉक में बाइक, स्पीडबोट और हेलीकॉप्टर के चेज सीक्वंस

⭐️ गुलशन ग्रोवर की गिरफ्तारी और इसके तुरंत बाद अक्षय का अपने सपोर्टर्स से सामना

⭐️ सिम्बा [रणवीर सिंह] और सिंघम की एंट्री [अजय देवगन]

⭐️ 'छोड़ो कल की बातें' गीत

हालांकि, पटकथा में मनोरंजन के सब कुछ मौजूद है लेकिन फ़िर भी रोहित इस बात का पूरा ध्यान रखते हैं कि फ़िल्म अपने ऑरिजनल इश्यू से भटके न । फ़िल्म का बड़ा पैमाना और कंटेंट दोनों इसकी सबसे बड़ी शक्ति है । डायलॉग भी बहुत अच्छे तरीके से लिखे गए हैं जो कहानी के साथ आसानी से फ़िट हो जाते हैं ।

ग्रैंड लेवल की सिनेमेटोग्राफ़ी उत्कृष्ट है । बैकग्राउंड स्कोर प्रभावशाली है और जब सिम्बा और सिंघम

स्क्रीन पर दिखाई देते हैं तो सिग्नेचर ट्यून आपको पुरानी यादों में ले जाती है ।

अक्षय ने सूर्यवंशी के साथ एक्शन शैली में वापसी की है । अक्षय का सूर्यवंशी में एक से बढ़कर एक खतरनाक स्टंट्स करना, दुश्मनों का बैखोफ़ होकर मुकाबला करना और कैटरीना के साथ रोमांस करना काबिलेतारिफ़ है । यह कहना होगा कि एक बार फ़िर अक्षय ने बेहद ही शानदार परफ़ोर्मेंस दी है । इन सबके अलावा अक्षय ने अपने ह्यूमर एलिमेंट से भी फ़िल्म को और मनोरंजक बना दिया है ।

कैटरीना का रोल अच्छा है और वह अपने किरदार को बखूबी निभाती हैं । लेकिन 'टिप टिप बरसा पानी' सीटियों और तालियों से सराहा जाएगा खासकर सिंगल स्क्रीन्स सिनेमा में ।

सूर्यवंशी में किरदारों की भरमार है और हर एक किरदार अपने में खास है और फ़िल्म को हिट बनाने में अपना योगदान देता है । कुमुद मिश्रा [बहुत अच्छा], अभिमन्यु सिंह [उत्कृष्ट], गुलशन ग्रोवर [पहली दर], राजेंद्र गुप्ता [सक्षम], निक्टिन धीर [अच्छा], सिकंदर खेर [प्रभावी] और शरवरी लोहोकारे [सुपर] जैसे किरदार बेहद ही शानदार हैं । जैकी श्रॉफ की अहम भूमिका है, लेकिन उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने के लिए ज्यादा स्कोप नहीं मिलता है ।

अजय देवगन और रणवीर सिंह की मौजूदगी सोने पर सुहागा है, जो वास्तव में एक मास्टर स्ट्रोक है । उनके सीक्वंस सेकेंड हाफ़ के सीन्स को काफी हद तक मनोरंजक बनाते हैं।

कुल मिलाकर, बड़े स्टार्स, ग्रैंड लेवल पर बनाई गई, एक्शन और मनोरंजन से सजी सूर्यवंशी में देखने लायक बहुत कुछ है । इस दीवाली रोहित शेट्टी ने ब्लॉकबस्टर पैकेज दिया है जो निश्चितरूप से बड़ी संख्या में दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने का दम रखती है । यह निश्चित रूप से हिट है ।