संजय लीला भंसाली, जो इसी महीने 55 साल के हो जाएंगे, के पास जश्न मनाने के कई सारे कारण हैं । संजय लीला भंसाली की हालिया रिलीज फ़िल्म पद्मावत ब्लॉकबस्टर हो गई है, तमाम विवादों के बावजूद । जैसे आंकड़े आते रहते हैं, पद्मावत राष्ट्रीय बाजार में 250 करोड़ रुपए का आकंड़ा पार कर चुकी है, लेकिन फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली अब भी बहुत शांत रहते हैं ।

संजय लीला भंसाली अभी भी करणी सेना के विरोध से आहत हैं

संजय लीला भंसाली का विरोध करने वालों से सवाल

“एक बच्चे के रूप में मैंने अपना जन्मदिन का जश्न कभी नहीं मनाया । मेरी बहन और मुझे जन्मदिन की पार्टियों में शामिल होने की अनुमति नहीं थी । जैसा कि मैंने कहा कि, जन्मदिन का जश्न मनाने का कोई कारण नहीं है, पद्मावत का भाग्य हमारे हाथों में कभी था ही नहीं, या उन लोगों के हाथों में जो इसे रोकना चाहते थे ।

अब जब ये फ़िल्म रिलीज हो चुकी है और वो लोग, जो इसका वेवजह विरोध कर रहे थे, उम्मीद से ज्यादा कलेक्श्न कर रही है, जिन लोगों को मेरी फिल्म पसंद नहीं है, उनके लिए मेरे पास सिर्फ एक प्रश्न है, उनमें से कई इसे देखे बिना रहें हैं क्या ? कौन तय करता है कि दर्शकों को क्या देखना और पसंद करना चाहिए ?" भंसाली ने कहा और वह अब अपना ध्यान अपने अगले प्रोजेक्ट पर लगा रहे हैं ।

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"मेरा काम, मेरा सिनेमा एकमात्र प्रोत्साहन है, मुझे हर सुबह एक नई उम्मीद के साथ जागना के लिए । मैंने पद्मावत के बारें में सोचना छोड़ दिया है । अब मैं भविष्य की ओर देख रहा हूं । पिछला साल मेरे लिए दर्दनाक रहा है । मैं अभी तक उन सभी स्तरों के हमले की प्रक्रिया में हूं जिनसे मैं गुजरा । इस समय मैं इसके बारे में नहीं सोचता । लेकिन जब भी मुझे वो घिनौने मंजर याद आ जाते हैं तो घबरा जाता हूं ।

फिलहाल मैं केवल आभारी महसूस करना चाहता हूं कि हमारी फिल्म को जनता द्वारा देखा गया है, और पसंद किया जा रहा है ... केवल उन लोगों को छोड़कर जो मेरे सिनेमा के बारे में अधिकता के बारे में सोचते हैं । और उनके लिए मैं केवल सिर्फ़ सॉरी कह सकता हूं, कि मैं आपको खुश करने के लिए अगली बार कोशिश करूँगा ।"